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प्राचीन कालियामर्दन मंदिर में आई दरारें

ByVijay Singhal

Sep 19, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर के पीछे मानिक चौक क्षेत्र में प्राचीन कालियामर्दन मंदिर की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे इसके कभी भी धराशायी होने की आशंका बनी हुई है। मंदिर के आसपास एक दर्जन मकानों में दरारें आई हैं। इसे लेकर स्थानीय लोगो में भय व्याप्त है। एक दिन पूर्व यहां लगभग 400 साल पुराना आदि वराहादेव मंदिर का एक हिस्सा धराशायी हो गया। मंदिर के मलबे में पांच देवी-देवताओं की प्रतिमा दब गई हैं।
मानिक चौक में बारिश से प्राचीन कालियामर्दन मंदिर के अलावा आसपास के एक दर्जन मकानों में भी दरारें आ गई हैं। मकानों को पहुंच रही क्षति को लेकर लोगों में भय बना हुआ है। स्थानीय लोगों को बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई हैं। मंदिर के पड़ौस में रहने वाले हनी चतुर्वेदी ने बताया कि प्राचीन आदि वराहादेव मंदिर के पीछे खाली जमीन पर लगभग पचास फीट गहरा गड्ढा हो रहा है। इससे मंदिर और उसके आसपास के मकानों की सपोर्ट खत्म हो गई हैं। बारिश में पुराने मंदिर और मकानों को इस कारण अधिक गिरने का खतरा बना हुआ है। मंदिर और चूने से बने वराहादेव मंदिर के गर्भगृह के सामने का बरामदा और एक कमरा छत समेत गिरा। मलबे में शिव परिवार, बद्रीनाथ, शेषशाही पौड़ानाथ, हनुमानजी और गणेशजी की प्राचीन मूर्तियां दब गईं। उस समय यहां कोई नहीं था अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। क्षेत्रीय पार्षद रचना रामकिशन पाठक ने बताया कि उनके वार्ड 61 में आने वाले चौबीयापाड़ा में बारिश में लगातार पुराने और जर्जर मकान गिर रहे हैं। आदि वाराह मंदिर, रत्नकुंड, नक्कारची टीला पर मकान गिर रहे हैं। सर्वनपुरा, कोयला गली में मकान फट रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राचीन वराहामंदिर के पीछे किसी व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए मंदिर और मकानों के पीछे गहरा गड्ढा बन गया है। इससे कालियामर्दन मंदिर और आसपास के मकानों को भी बड़ा क्षति पहुंचने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि डीएम को इस संबंध में एक पत्र भेजा है। इसमें 50 से अधिक जर्जर मकानों को नोटिस देकर सुधार कार्य कराने और जिन भवनस्वामियों के पास धनाभाव है, उनके मकानों की मरम्मत एवं पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है । नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने बताया कि मथुरा शहर में सभी जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस प्रतिवर्ष दिए जा रह हैं। बारिश से पहले इन सभी को नोटिस के माध्यम से आगाह भी कर दिया गया है। जो मंदिर गिरा इस संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को भी पत्र लिखा है ताकि वह इस प्राचीन मंदिर की देखरेख कर सके।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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