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जन्माष्टमी पर ब्रज की रज में लोटपोट हुए कुमार विश्वास, बोले- ये मेरा सौभाग्य

ByVijay Singhal

Aug 27, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में जन्माष्टमी के अवसर पर आए कवि कुमार विश्वास  ब्रज की रज में लोटपोट होते हुए महावन स्थित कार्ष्णि उदासीन आश्रम रमणरेती पहुंचे। यहां उन्होंने पीठाधीश्वर कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। रमणरेती आश्रम पहुंचे कवि कुमार विश्वास के द्वारा रमण बिहारी के दर्शन किए और वहीं पर ब्रजरज में भी लोटपोट होकर मनौती मांगी। उन्होंने कहा कि बचपन में जब छोटे थे तब इस प्रकार रज में लेटा करते थे।  भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली में ब्रजरज में लोट-पोट होने पर उन्हें बचपन की याद आई। कवि ने कहा कि ब्रज में आकर एक अलग ही आनंद आता है। यहां हर ओर से भक्ति की बयार में एक सुगंध आती है, जो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समाहित कर देती है।
उन्होंने कहा कि ब्रज यानी मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर धूम है और उनका यह सौभाग्य है कि इस मौके पर वह मथुरा में आए हैं।  उन्होंने कहा कि यहां ब्रज के कण कण में भगवान श्रीकृष्णा पास करते हैं यहां की रज भी एक अपने आप में अलौकिक है।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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