इसके अलावा हनुमत विहार आवासीय योजना एवं गोविन्द विहार आवासीय योजना में व्यवसायिक, ग्रुप हाउसिंग, नर्सिंग, इत्यादि योजनाओं को लॉन्च करते हुए भूखण्डों का आवंटन ई नीलामी प्रक्रिया से कराये जाने एवं नवीन ग्रुप हाउसिंग ब्रोशर का सशर्त अनुमोदन की अनुमति दी। इसमें मुख्य शर्तें यह रहेंगी कि बिल्डर को बिल्डिंग/सोसायटी बनाने के लिए 5 साल का समय मिलेगा। 5 साल की अवधि पैनल्टी के साथ बढ़ायी जायेगी। इस तरह 10 साल का समय दिया जायेगा। स्कूल एवं नर्सिंग होम बनाने के लिए ली जाने वाली जमीन पर इसी तरह 05+03 वर्षों का समय दिया जायेगा। उसके पश्चात ही निरस्त किया जायेगा।
बोर्ड ने भवन निर्माण व विकास उपविधि 2008 के सापेक्ष संशोधन आदेश 2 जुलाई 2024 को अंग्रीकृत किया गया है। इसमें पेट्रोल पंप के लिए आयल कम्पनी द्वारा एल ओ आई में दिए क्षेत्रफल को मान्य किया है। इसी प्रकार बिल्डिंग बायलॉज को भी अंगीकृत किया है। इस में 6 से 20 कमरे वाले होटल के लिए सड़क की चौड़ाई 9 मीटर मान्य की गई है। इससे अधिक पर 12 मीटर चौड़ाई रहेगी। इसके अलावा एफ ए आर में भी परिवर्तन हुआ है। इसमें निर्मित क्षेत्र के 18 से 30 मीटर पर साढ़े तीन मीटर एफ ए आर रहेगा जबकि 30 मीटर से ऊपर एफएआर चार होगा। नए विकसित क्षेत्र में एफ ए आर ढाई से बढ़ाकर 4 कर दिया है। 30 मीटर से अधिक पर यह 5 रहेगा।
बैठक में प्राधिकरण की सम्पत्तियों के विक्रय के लिए किश्तों में लगाई जाने वाली ब्याज दर 12.25 प्रतिशत को घटकर 11 प्रतिशत घटाकर राहत प्रदान की गयी। साथ ही छाता में लगभग 117 हैक्टेयर लैंड बैंक विकसित करने के लिए 430 करोड़ की लागत तथा 404 करोड़ का डेवलपमेंट चार्ज आएगा। इस तरह इस योजना और 834 करोड का वहन होगा। केबिनेट में पास होने के बाद 150 करोड़ रु योगी सरकार विकास प्राधिकरण को दे देगी।
मण्डलायुक्त ने कहा कि इसकी जमीन खरीने से पूर्व 80 प्रतिशत लोगों की सहमति जरूर सुनिश्चित कर लें। वहीं फरह में विकसित की जाने वाली योजना की धीमी प्रगति पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी जाहिर की। बैठक में जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह, उपाध्यक्ष मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण श्याम बहादुर सिंह, नगर आयुक्त शशांक चौधरी, ओएसडी मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण प्रसून द्विवेदी सहित बोर्ड के सदस्य नवीन मित्तल और डी एन गोतम भी मोजूद रहे।
