हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जमुनापार थाना में रिपोर्ट की कापी लेने गए थाने आए रिश्तेदार एवं उसके मित्र की पुलिसकर्मियों ने बुरी तरह पिटाई कर दी। घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पैदा हो गया। सैकड़ों ग्रामीण थाने पर आ गए और करीब दो घंटे तक हंगामा किया। स्वजन ने इंस्पेक्टर पर मारपीट करने तथा हत्या का मामला दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया। सीओ ने हत्या एवं पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने के मामले में प्रार्थना पत्र देते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जमुनापार थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव सिहोरा निवासी रमन अपने चचेरे भाई हरीश के साथ तीन मई की शाम दूध देने गए थे। मध्य रात्रि करीब 12 बजे दोनों घायल अवस्था में जयपुर-बरेली बाइपास स्थित गांव सिहोरा के समीप मिले थे। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां रमन को मृत घोषित कर दिया था। प्रारंभिक दौर में स्वजन ने दुर्घटना की आशंका जताई थी। बताते हैं तीन दिन पूर्व प्रभुदयाल ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें पड़ोसी गांव के एक युवक पर बेटे रमन की हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। शनिवार शाम करीब पांच बजे प्रभुदयाल के दामाद अमन निवासी औरंगाबाद अपने मित्र दिगंबर निवासी रजावल, अलीगढ़ के साथ थाने रिपोर्ट की कापी लेने गए। आरोप है इंस्पेक्टर संजीव दुबे से रिपोर्ट की कापी मांगी तो वह समझाने लगे। दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कराओगे तो क्लेम मिल जाएगा, अन्यथा रिपोर्ट नहीं लिखी जाएगी। आरोप है इंस्पेक्टर ने आठ-दस पुलिसकर्मियों के साथ कमरे में बंद कर अमन व दिगंबर की पिटाई की। कुछ देर में इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पैदा हो गया। दर्जनों महिलाएं व पुरुष थाने पहुुंच गए और हंगामा करने लगे। इससे पुलिस के होश उड़ गए। करीब दो घंटे तक थाना परिसर में हंगामा होता रहा। सीओ सदर आकाश सिंह थाने पहुंचे और लोगों से बातचीत की। ग्रामीणों का कहना था कि कार्रवाई न होने तक वह थाने से नहीं जाएंगे। आसपास के तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रभुदयाल ने सीओ को बताया, इंस्पेक्टर ने दामाद समेत दो लोगों को बुरी तरह पीटा है, जिससे उनके चोट आई है। आरोप लगाया कि घटना की वीडियो बनाने पर इंस्पेक्टर ने मोबाइल छीनकर रीसेट कर दिया। इससे सुबूत भी नष्ट कर दिया है। काफी देर तक ग्रामीणों के न मानने पर सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीओ ने 24 घंटे का समय मांगते हुए हत्या तथा इंस्पेक्टर द्वारा पिटाई किए जाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीण प्रार्थना पत्र देने के बाद घरों को चले गए। इस संबंध में इंस्पेक्टर संजीव दुबे का कहना है कि, किसी की मारपीट नहीं की है, आरोप बेबुनियाद है।
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Author: Vijay Singhal
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