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जवाहर बाग कांड में सीबीआई की रिपोर्ट में आएगा पर्दे के पीछे का सच

Byvijay.singhal1233

Nov 14, 2022
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। 2 जून 2016 की दिल दहला देने वाल जवाहर बाग कांड के पीछे की वजह क्या थीं। पूरे मामले के लिए जिम्मेदार माने जा रहे रामवृक्ष यादव के पीछे कौन था। उसके पास भारी मात्रा में हथियार कहां से और कैसे आए। बाग में वह कैसे सरकार चलाता था। उसकी महत्वाकांक्षा क्या थी। जैसे तमाम सवालों का जवाब सीबीआई की जांच में खुलने की उम्मीद है। इस कांड की कई अहम गुत्थियां स्थानीय पुलिस नहीं सुलझा पाई थी। कसी हुई कदकाठी और इकहरे बदन के गाजीपुर के मरदह थाने के रायपुर बागपुर गांव के रहने वाले रामवृक्ष यादव ने जब अजीबोगरीब मुद्दों को स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह संगठन को तैयार किया था, तब किसी ने सोचा था कि मथुरा में इतनी बड़ी वारदात का बीजारोपण हो रहा है। आंदोलन की रूप रेखा को वह देश की राजधानी दिल्ली की तरफ से कब मथुरा के जवाहर बाग तक ले आया, किसी को पता नहीं चला। १४ मार्च २०१४ को उसने जवाहर बाग पर कब्जा कर लिया। देखते-देखते उसने अंदर एक अलग व्यवस्था बना ली। उसकी धमक इतनी हो गई कि पुलिस तक की जवाहर बाग के अंदर जाने पर रोक लग गई। हथियारों के जखीरे के अंदर होने की जानकारी जब पुलिस को हुई तब तक देर हो चुकी थी। उसके केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के नेताओं तक संबंध थे। जिनका प्रयोग वह करता था। जेल में हुई तीन बंदियों की मौत

जेल गए कुल 304 बंदियों में से तीन बंदी जेल मेें ही मर भी गए। अभियुक्तों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि जेल मेें ही तीन बंदियों की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बहुत से लोगों को जमानत तैयार करने में बहुत मुश्किल आई थी। अब जो जेल में सात बंदी हैं उनकी जमानत तो हो चुकी है परंतु जमानती उनके पास नहीं हैं।
वारदात से पहले रामवृक्ष ने दिया था हथियार चलाने का प्रशिक्षण
रामवृक्ष ने जवाहर बाग में मौजूद लोगों को हथियारों का प्रशिक्षण तक देने की बात प्रकाश में आई है। उसने अंदर ट्रेनिंग कैंप चलाया। जिसमें नौजवानों को शस्त्र चलाने का प्रशिक्षण तक दिया गया। यहां तक कि उसने महिलाओं की फौज भी तैयार कर ली थी। पुलिस ने जवाहर बाग से तमाम हथियार बरामद भी किए। लग्जरी गाड़ियां भी उसके पास थीं। अपनी मजबूती के लिए रामवृक्ष यादव ने नौजवानों की भर्ती तक निकाली। प्रत्येक नौजवान को पांच हजार रुपये और मकान देने का वायदा उसने किया था। पहले वह गाजीपुर या पूर्वी क्षेत्र से लोगों को बुलाता था और जब एक दफा कोई जाता था तो फिर उसे जाने नहीं देता था बल्कि उसके सहारे से और भी लोगों को बुलवा लेता था।

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