हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। प्रदेश सरकार भले ही परिषदीय विद्यालयों में नवीन शैक्षिक सत्र आरंभ होने के साथ ही बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने के दावे करती रही हो, लेकिन हकीकत इसके एकदम उलट है। वास्तवित स्थिति को देखें तो प्राईमरी विद्यालय के कक्षा 1 व 2 की पुस्तकों का प्रकाशन न होने के चलते छात्रों को अब संभवत: जुलाई माह में ही पुस्तकें मिल सकेंगी। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का नवीन शैक्षिक सत्र 1 अप्रैल से आरंभ हो रहा है। बच्चों ने नए सत्र के पहले दिन स्कूल जाने की तैयारी कर ली है, लेकिन वह सत्र के प्रथम दिन बिना किताबों के ही जाएंगे। यहां तक कि कक्षा एक व दो के विद्यार्थियों को लगभग दो माह तक बिना किताबों के पढ़ना पड़ेगा। इसका कारण है कि इन कक्षाओं की पुस्तकों का अभी तक प्रकाशन ही शुरू नहीं हुआ है। जब इनका प्रकाशन हो जाएगा तब यह किताबें यहां आएंगी और विद्यालयों में भिजवाई जाएंगी। तब तक गर्मी की छुट्टियां भी आरंभ हो जाएंगी। इस तरह देखा जाए तो इन बच्चों को जुलाई माह में ही किताबें मिल सकेंगी। तब तक शिक्षकों को इनकी पढ़ाई पुरानी किताबों से ही करानी होगी। कक्षा एक व दो की किताबों का तो अभी प्रकाशन नहीं हुआ है, लेकिन कक्षा 3 से 8 तक की किताबों को लेकर भी अभी कोई सुगबुगाहट नहीं है। इन कक्षाओं की पुस्तकें भी अभी तक विद्यालयों तक नहीं पहुंची हैं।
सुनील दत्त, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा जिन कक्षाओं की किताबें आ गई हैं। उन्हें शीघ्र ही विद्यालयों में भिजवाए जाने के प्रबंध किए जा रहे हैं।
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Author: Vijay Singhal
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