हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के सौंख क्षेत्र के गांव बछगांव में जूता-चप्पल मार होली खेली जाती है। यह होली अंग्रेजों द्वारा किए गए जुल्म के विरोध में शुरू हुई थी। इसमें लोग अपने से छोटे को चप्पल और जूता मारकर आशीर्वाद देते हैं। उसे सकारात्मक विचारों के साथ सही राह दिखाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसी परपंरा को आगे बढ़ते सोमवार को धूलेड़ी के दिन गांव में जूता-चप्पल मार होली खेली गई। फाल्गुन माह आते ही बृज में होली महोत्सव, होलिका दहन, हुरंगा जैसे कार्यक्रम आयोजित होने लगते है। बृज में कही आपने रंगों की होली, लठ्ठमार होली, कपड़ा फाड़ होली, कीचड़ होली मनाते सुना होगा। लेकिन क्या आपको पता है कि एक जगह ऐसी भी हैं। जहां एक दूसरे को गुलाल लगाकर जूता-चप्पल मार होली भी खेली जाती है। सुनकर आपको थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन ब्रज की इस अनोखी होली का एक अपना ही अगल अंदाज है, खुटैलपट्टी के गांव बछगांव के लोग अपने से कम उम्र के लोगो को गुलाल लगाकर एक दूसरे के सिर पर जूता चप्पल मार कर होली की शुभकामनाए और आशीर्वाद देते है। ये परंपरा सदियों से चली आ रही है। गोवर्धन तहसील के गांव बछगांव में विगत सैकड़ों वर्षो से जूता-चप्पल मारकर होली मनाने की पंरपरा है। इस होली में एक खास बात ये भी कि अपने छोटे लोगों को जूता-चप्पल मारकर होली के अवसर पर देश में अंग्रेजों द्वारा किए देशवासियों पर जुल्म के विरोध में खेली जाती है। सकारात्मक विचारों और सही दिशा के लिए अग्रसर होने के लिए जागरूक करते है।
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Author: Vijay Singhal
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