हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को की गई। इसके लिए 35 साल पहले तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन प्रवास के समय संत देवरहा बाबा ने रामजन्म भूमि पर मंदिर निर्माण के लिए शिलादान की थी। एक वर्ष बाद ब्रह्मलीन होने से पहले देवरहा बाबा ने गोवध पर प्रतिबंध और राममंदिर निर्माण की आखिरी इच्छा जाहिर की थी, जो सोमवार को पूरी हो गई। 1989 में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद ने शिलान्यास की घोषणा की थी। इस घोषणा के पीछे देवरहा बाबा थे, जिनके आदेश पर विहिप ने राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए बिगुल बजाया था। वृंदावन में अपने आश्रम में देवरहा बाबा ने 6 मई 1989 को विहिप को राम मंदिर के लिए शिलाएं दान की थीं। वहीं 19 सितंबर 1989 को बाबा ने देव आश्रम में अपने भक्तों से कहा कि मेरे आदेश पर राम जन्मभूमि मुक्ति का आंदोलन शुरू किया गया है। सभी लोग रामकाज में लग जाएं। आगरा के तत्कालीन फोटो जर्नलिस्ट विजय गोयल ने अपने कैमरे में देवरहा बाबा के शिलादान का फोटो कैद किया था। देवरहा बाबा ने राम जन्मभूमि आंदोलन पर कहा था कि राम वह ज्योति हैं, जिससे देश के हर प्राणी की आत्मा प्रकाशित है। राम जन्मभूमि भगवान राम की है और यह राम की होकर रहेगी। अयोध्या को फिर से राममय करने से भारतीय संस्कृति का पुनर्जागरण होगा। देश के प्रमुख राजनेता पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन, प्रधानमंत्री चरण सिंह, उपराष्ट्रपति बीडी जत्ती, सऊदी अरब के राजदूत रहे अली हसन समेत कई लोग देवरहा बाबा के शिष्य रहे हैं।
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Author: Vijay Singhal
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