हिदुस्तान 24 एबी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में सदियों के संघर्ष के बाद जब प्रभु श्रीराम अपने मंदिर में विराजे, तो देश-दुनिया में उल्लास छा गया। सनातनियों ने दीपावली मनाई, तो घर-घर श्रीरामोत्सव का आयोजन हुआ। रघुराई की प्राण प्रतिष्ठा पर ठाकुर बांकेबिहारी ने भी अपने दूसरे स्वरूप प्रभु श्रीराम के रूप में दर्शन दिए। सिर पर स्वर्ण मुकुट, चांदी के धनुष-बाण लिए जब ठाकुर बांकेबिहारीजी ने भक्तों को दर्शन दिए, तो भक्त आल्हादित हो उठे। बांकेबिहारी के आंगन में जयश्रीराम गूंजता रहा। सायंकालीन सेवा में साढ़े चार बजे पट खुले। ठाकुरजी का एक बार फिर प्रभु श्रीराम के रूप में श्रृंगार किया गया। इससे पहले धनुष-बाण और स्वर्ण मुकुट का वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य पूजन किया गया। सेवाधिकारी आभाष गोस्वामी संतू ने बताया, ठाकुर बांकेबिहारी अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते आए हैं। ऐसे में आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर में विराजने पर बांकेबिहारीजी ने भी श्रीराम के स्वरूप में दर्शन देकर अयोध्या न पहुंचने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी कर दी।
