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मथुरा की समाज सेविका आई ए एस पुत्र की मां के नेत्रदान से दो लोगों के अंधेरे जीवन में भरी रोशनी

ByVijay Singhal

Jan 12, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। समाज सेवा और निर्धन बालकों को नि:शुल्क शिक्षा देने के लिए सदैव समर्पित रही 84 वर्षीय शशि एलन ने अपने नश्वर शरीर को छोड़ते समय ऐसा काम कर दिया कि वह वर्षो तक शरीर ना रहते हुए भी समाज को देख सकेंगी। उन्होंने अपने नेत्र दान कर दो लोगों की अंधेरे जीवन में रोशनी भर दी है। 14 बसंतर पार्क सिविल लाइन क्षेत्र मथुरा की निवासी श्रीमती एलन का कल प्रातः 3:00 बजे स्वर्गवास हो गया था जिसकी सूचना तत्काल दिली एम्स को दी गई जिसके निर्देश पर वृंदावन के आई श्रॉफ हॉस्पिटल की टीम ने घर आकर दोनों नेत्रों की कार्रवाई की। उनके द्वारा दान दिए गए दोनों नेत्रों से दो लोगों के जीवन में रोशनी भर गई। शशि एलन के एक पुत्र और पुत्रवधू आईएएस अधिकारी हैं जबकि दूसरे पुत्र ओर वधू लखनऊ के सुप्रसिद्ध डॉक्टर तथा तीसरे सपूत प्रतुल अग्रवाल मथुरा में समाज सेवा की अलख जगह हुए हैं। उनके पति किशन स्वरूप ऐलान सेवानिवृत्ति चीफ इंजीनियर है। पुत्र इंद्र भूषण देश की आयुष्मान योजना के सबसे बड़े अधिकारी है। उन्होंने एशिया डेवपलपमेंट बैंक के प्रथम सीईओ के रूप में कार्य कर राष्ट्र को गौरवान्वित किया है।
फ्लोर मिल के मालिक प्रतुल अग्रवाल ने बताया कि उनकी माताश्री समाज के प्रति बहुत कुछ करती थी जीवन का अधिकांश समय लोगों की विभिन्न प्रकार से मदद में गुजार दिया। उनके संस्कारो के कारण हम सभी भाई अधिक से अधिक जन जन की सेवा में अपने को समर्पित किए हुए है। जनपद में देहदान करने के इच्छुक लोगों का संकल्प पूरा नही हो पा रहा है। मृत्यु के पश्चात अपने शरीर के विभिन्न अंगों को जरूरतमंदों को देने के इच्छुक देहदानियों का यह संकल्प जिले में दान किये अंगों को सुरक्षित रखते हुए इनका ट्रासप्लांट किसी अन्य व्यक्ति में करने की सुविधा नही होने के कारण अधूरा ही रह जाता है। ऐसा ही एक मामला पुनः प्रकाश में आया है जिसमें श्रीमती एलन द्वारा अपने जीते जी इस संकल्प के साथ देहदान किया था कि उनकी मृत्यु के पश्चात उनके शरीर के विभिन्न अंगों को जरूरतमंदों को प्रदान कर दिया जाये लेकिन जब उनका देहवसान हुआ तो शरीर के सभी अंगो को दान करने का संकल्प अधुरा ही रह गया सिर्फ उनकी आंखों से ही दो लोगों के जीवन में प्रकाश लाया जा सका जबकि उनकी किडनी आदि अन्य अंग सुविधा के अभाव में किसी के काम न आ सके। श्रीमती एलन की आंखों को एम्स से टाईअप रखने वाले श्राप आई हास्पीटल के चित्सिकों ने सफलता पूर्वक निकालते हुए दो लोगों को प्रदान कर दिया। संकल्प अधुरा रहने से दुखी जिले के प्रसिद्ध चार्टर्ड एकाउण्टेड अभिषेक गर्ग ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिले में देहदानियों के अंगों को सुरक्षित रखकर जरूरतमंदों तक पहुंचाने की सुविधा विकसित करनी चाहिए।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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