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वृंदावन में बांकेबिहारी के दर्शन को पहुंचे लाखों श्रद्धालु, व्यवस्था चरमराई; गलियों में पैर रखने की जगह भी नहीं

ByVijay Singhal

Jan 7, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए रविवार को लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यहां बांकेबिहारी मंदिर से लेकर अन्य मंदिर दर्शनार्थियों से खचाखच भरे रहे। देशी-विदेशी श्रद्धालु दर्शन के लिए लाइन में खड़े रहे। वहीं गलियों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। भीषण सर्दी के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन करने पहुंचे। वृंदावन में अपने आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन करने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इससे यहां की व्यवस्था चरमरा गई। गलियों में पैर रखने की भी जगह नहीं मिली। विद्यापीठ चौराहे से लेकर बांकेबिहारी मंदिर तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। चौराहे से लेकर मंदिर के द्वार तक दर्शनार्थी मंदिर तक पहुंचने का इंतजार करते दिखे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस टीमें लगी रहीं। सुबह मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच अंदर प्रवेश करके आराध्य के दर्शन किए।
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Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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