वृंदावन के वात्सल्य ग्राम में साध्वी ऋतंभरा के षष्ठीपूर्ति महोत्सव में 31 दिसंबर से एक जनवरी तक राजनीतिक हस्तियों का आगमन रहा। वीवीआईपी मूवमेंट केकारण पुलिस-प्रशासन ने जिले को हाई अलर्ट पर रखा था। चप्पे-चप्पे पर निगरानी का दावा किया गया था। देश की तमाम खुफिया एजेंसियों की निगाह मथुरा पर थी। फिर भी राष्ट्रीय राजमार्ग को कब्जाने में प्रदर्शनकारी कामयाब हो गए। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि जिले के खुफिया तंत्र को कैसे इतने बड़े प्रदर्शन की तैयारी की भनक तक क्यों नहीं लग सकी। फाइलों में हैं जिले में 20 हजार से अधिक हैं खुराफाती : पुलिस-प्रशासन की फाइलों में जिले में 20 हजार से अधिक खुराफाती दर्ज हैं। सीआरपीसी 107/116 के तहत इनको चिह्नित कर नोटिस जारी होते रहे हैं। शहर में सर्वाधिक 5882, सदर तहसील में 3972, महावन में 3954, छाता में 3092, मांट में 2021, गोवर्धन में 1530 खुराफाती शामिल हैं। जाम करने के मामले में तीन को भेजा जेल
आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने वाले अराजकों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। हाईवे थाने में एसआई सुंदर सिंह कसाना ने तहरीर देकर 16 नामजद व 150 से अधिक अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मंगलवार को तीन नामजदों को जेल भेज दिया। अन्य की तलाश जारी है। हाईवे थाना इंस्पेक्टर उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रविकांत शर्मा निवासी जनकपुरी कोतवाली, कान्हा, गोल्डी, पवन, राहुल, सक्सेना, साहिद कुरैशी, याशीन, कालिया ड्राइवर, डोरीला ड्राइवर, मेंबर सिंह, मुनीष बरारी, रविंद्र, दिगंबर सिंह, देवेंद्र, दुर्गेश गिरी को नामजद करते हुए 150 से अधिक अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रदर्शन के दौरान की कई वीडियो सामने आई हैं। इन्हें देखर प्रदर्शनकारी चिह्नित किए जा रहे हैं। आरोपी देवेंद्र, दुर्गेश और दिगंबर को जेल भेज दिया है। अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रहीं हैं।
