इंस्पेक्टर हाईवे उमेश चंद्र त्रिपाठी क्षेत्र हाईवे पर गश्त पर थे। तभी उन्होंने जयगुरुदेव आश्रम के भीतर से धुआं उठता देखा। वह देखा कि टिनशेड निर्मित क्वार्टरों में आग लगी थी। उन्होंने फायर ब्रिगेड को बुलवाया। कुछ ही देर में अग्निशमन गाड़ियां और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। करीब आधा घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। सूचना पर एसपी सिटी डा. अरविंद कुमार, सीओ रिफाइनरी श्वेता वर्मा, सीएफओ नरेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आग से कोई भी जनहानि नहीं हुई है। टिन से बने क्वार्टरों में रखा सामान जलने के कारण नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों को पता करने के लिए जांच की जा रही है।एलआईसी की बिल्डिंग में द्वितीय तल पर लगी आग
राधिका विहार स्थित एलआईसी की बिल्डिंग में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सुबह टहलने निकले लोगों ने आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। इसके बाद पुलिस और फायर कर्मी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। सूचना मिलते ही सीएफओ नरेंद्र प्रताप सिंह अग्निशमन केंद्र भूतेश्वर से तीन फायर टेंडर व मय स्टाफ घटनास्थल पर पहुंचे। बिल्डिंग में द्वितीय तल पर आग लगी थी। अग्निशमन कर्मी एक ओर से एक्सटेंशन लेडर लगाकर भवन के छज्जे पर पहुंचे। साथ ही एमएफई से एक हौज पाइप फैलाकर भवन के कांच को तोड़कर अंदर घुसे। अंदर धुआं भर जाने के कारण पहले तो फायर कर्मियों को प्रवेश करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद बीए सेट व ऑक्सीजन सिलिंडर का इस्तेमाल करते हुए धुएं के बीच भवन के अंदर घुसे। तब जाकर आग लगने के मुख्य स्थानों पर पानी की बौछार की। करीब एक घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सीएफओ ने बताया कि आग से कोई जनहानि नहीं हुई है। दस्तावेज जलने के विषय में कार्यालय के अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई है। एलआईसी कार्यालय में लगे फायर उपकरण भी ठीक से संचालित नहीं पाए गए। आग किस कारण से लगी, इसकी जांच की जा रही है।
