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श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक ग्रंथ ही नहीं अपितु भगवान श्रीकृष्ण का वांग्यमय स्वरूप है : आचार्य रामविलास चतुर्वेदी

ByVijay Singhal

Dec 22, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृन्दावन के छटीकरा रोड़/आश्रम बिहार स्थित अग्रसेन भवन में आसाम के प्रमुख समाजसेवी मदन गोपाल अग्रवाल एवं श्रीमती प्रेमलता अग्रवाल की 50 वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ प्रारम्भ हो गया है।सर्वप्रथम आश्रम बिहार परिसर से कथा स्थल तक गाजे-बाजे सहित निकाली गई श्रीमद्भागवतजी की भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ।जिसमें पीत वस्त्र पहने अनेकों महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए साथ चल रही थीं।इसके अलावा श्रीहरिनाम संकीर्तन करते हुए व नृत्य करते हुए असंख्य भक्त-श्रृद्धालुगण शोभायात्रा में शामिल हुए।
व्यासपीठ से विश्वविख्यात भागवत भूषण आचार्य रामविलास चतुर्वेदी महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी में सभी भक्तों-श्रृद्धालुओं को श्रीमद्भागवत की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक ग्रंथ ही नहीं अपितु स्वयं अखिल कोटि ब्रह्माण्ड नायक परब्रह्म परमेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का वांग्यमय स्वरूप है।इसके श्रवण करने से व्यक्ति के जीवन में व्याप्त तीनों तापों का नाश हो जाता है।साथ ही उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पूज्य महाराजश्री ने कहा कि श्रीधाम वृन्दावन की पावन भूमि वह दिव्य भूमि है,जहां जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीराधा-कृष्ण के चरण पड़े थे।इस दिव्य भूमि में श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा श्रवण करने से अन्य स्थानों की तुलना में शतगुणा अधिक फल प्राप्त होता है।
इस अवसर पर मुख्य यजमान मदन गोपाल अग्रवाल, श्रीमती प्रेमलता अग्रवाल, पंकज अग्रवाल (पटवारी), कोकराझार (आसाम), वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, रामअवतार अग्रवाल, दीनदयाल अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, रामअवतार मोर, डॉ. राधाकांत शर्मा, पण्डित गुलशन चतुर्वेदी, पण्डित रामजी शास्त्री, पण्डित जितेंद्र रिछारिया आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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