हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा जेल में कैदियों के सुधारने के लिए कई योजना चल रही हैं। जेल में निरुद्ध बंदी न केवल अपने जीवन में सुधार लाएं बल्कि बाहर आने के बाद वह समाज में रहकर आत्मनिर्भर बन सकें इसके लिए उनको प्रोत्साहित किया जा रहा है। रक्षा बंधन पर्व पर यहां बंद महिला कैदियों को राखी बनाना सिखाया गया। जिसका परिणाम रहा कि जेल में बंद 8 महिला कैदियों ने 15 दिन में 5 हजार राखी बना डाली। जिला जेल में बंद कैदियों को आत्म निर्भर बनाने के लिए कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां निरुद्ध कैदी जेल से बाहर निकलने के बाद सम्मान के साथ समाज में रह सकें और काम कर अपने परिवार का पालन कर सकें इसके लिए कैदियों को विभिन्न काम सिखाए जा रहे हैं। इसी के तहत महिला कैदियों को राखी बनाना सिखाया गया। वर्तमान में मथुरा जेल में 65 महिला कैदी हैं। इनमें से कोई हत्या में,कोई चैन तोड़ने में तो कोई घरेलू हिंसा में बंद है। इन महिलाओं को बुराई भरे जीवन से निकाल कर अच्छाई की तरफ ले जाने के लिए जिला जेल में राखी बनाना सिखाया गया। जिसका परिणाम रहा कि 15 दिन में 5000 राखी बना दी गई। जिला जेल में निरुद्ध 8 महिला बंदियों ने 15 दिन तक प्रतिदिन 8 घंटे तक राखी बनाई। यहां बनाई गई राखियों को स्टॉल लगाकर बेचा जा रहा है। इसके अलावा रक्षा बंधन के दिन जेल के अंदर भी यह राखियां रखी जाएंगी। जिससे कोई बहन अगर राखी न ला पाए या उसे और राखी की जरूरत पड़े तो वह वहां से ले सके। महिला बंदियों द्वारा बनाई गई एक राखी की कीमत 10 रुपए रखी गई है। महिला बंदियों को पहले 5 दिन तक राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद महिला बंदियों ने स्वयं ही राखी बनाना शुरू कर दिया गया। राखी बनाने के लिए धागा, फोम,पेस्ट आदि सामान जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि मथुरा जेल अब जेल नहीं बल्कि सुधार गृह बनता जा रहा है। यहां निरुद्ध बंदी जब जेल से बाहर आएं तो उनमें सुधार दिखे इसके प्रयास किए जा रहे हैं। समय समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाते रहते हैं।
7455095736
