हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में देश-दुनिया के श्रद्धालु अपने आराध्य और बृज के प्रमुख स्थलों के दर्शनों के लिए यहां आते हैं। यहां आने के बाद उन्हें कोई सुरक्षा व्यवस्था मिले या ना मिले मगर चोर-उठाईगीरे जरूर मिल जाते हैं, जो पलक झपकते ही उनका कीमती सामान पार कर यहां का वहां कर देते हैं। मथुरा में ऐसी घटनाओं में आजकल बच्चों का प्रयोग बड़ी तादाद में हो रहा है। कुख्बयात गिरोह बच्चों के माध्यम से यात्रियों के कीमती सामान की चोरी और चेन स्नेचिंग तक करा रहे हैं। कई बार यात्रियों को अपने साथ हुई घटना का पता भी नहीं चल पाता है और वह घर पहुंच जाते हैं। जब घर जाकर देखते हैं तो उनका पर्स कुंडल अथवा चेन गायब होती है। ऐसा ही एक वाक्या अभी-अभी मथुरा जंक्शन के ऑटो स्टैंड पर प्रकाश में आया है, जहां से यात्रियों द्वारा तीन बच्चों को पकड़ कर जीआरपी के हवाले किया गया है यानी कि पुलिस का काम यात्री कर रहे हैं। उसमें अब वह कितनी प्रगति करती है? यह देखने वाली बात होगी। बताया गया है कि इन बच्चों ने एक युवती के बैग से उसका पर्स निकाल लिया। पर्स में से रुपए निकालने के रुपए एक गाड़ी के नीचे छुपा दिए और पर्स को हवा में उड़ा दिया। बच्चे भीख मांगते हुए युवती के पीछे पड़े थे। युवती ने कहा कि अभी उसके मम्मी-पापा आ रहे हैं। इस मध्य उसके पीछे पड़े बच्चों ने पलक झपकते ही उसके बैग से उसका पर्स पार कर दिया और उसमें से रुपए निकाल कर उसे फेंक दिया। इसके बाद जैसे ही युवती और उसके साथ के लोगों को पर्स के चोरी होने का पता चला तो उन्होंने उन बच्चों को पकड़ लिया, जिनकी निशानदेही पर पर्स में रखे 3 से ₹4000 तो उन्होंने बरामद कर लिए मगर पर्स उन्हें अभी तक नहीं मिल सका है। यात्रियों का कहना है कि पर्स में उनके आवश्यक कागजात और एटीएम वगैरह थे। इसलिए वह उन्हें दे दिया जाए, भले रुपए ले लिए जाएं। लेकिन पर्स अब बच्चों के पास हो तो वह दें। वह तो उन्होंने हवा में उड़ा दिया। उसे न जाने कौन ले गया होगा। इतना सारा वाक्या काफी देर तक होता रहा मगर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी करने वाली जीआरपी मौके पर नहीं आई। आखिरकार यात्रियों को ही उन बच्चों को लेकर मथुरा जंक्शन जीआरपी थाने जाना पड़ा। देखना होगा कि क्या जीआरपी बच्चों से पर्स बरामद कर पाती है। देखने में यह कितनी छोटी घटना लगती है। लेकिन जिनका पर्स गया है, उनकी पीड़ा को जरा महसूस कीजिए कि उनके दिल पर क्या बीत रही होगी और उनकी यात्रा उन्हें कैसा अनुभव दे रही होगी? जो यह घटनाएं करा रहे हैं या कि ऐसी घटनाओं को रोकने की जिनकी जिम्मेदारी है, वह सोचें कि यदि ऐसी घटना उनके साथ हो तो उन्हें कैसा लगेगा?ऐसी स्थिति में मथुरा आने वाले यात्रियों को सचेत किया जाता है कि कृपया वह अपने कीमती सामान का विशेष ख्याल रखें। पर्स कुंडल चेन मोबाइल विशेष रूप से संभाल कर रखें और मन्दिरों में भीड़ में जाने से बचें। नगर भीड़ में गए तो समझना कि भाड़ में गए और उसमें भुन जाओगे। भीड़ से दूर रहें तथा विशेष तौर पर ऐसे शातिर बच्चों और और इन्हें संचालित करने वाले गिरोहों से बचें।
