हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। एडीजे विशेष-2 पूनम पाठक की अदालत से नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म के आरोपी को साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए 10 साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि घटना 24 जून 2013 की है। बरसाना थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार पीड़िता पिता के साथ कोर्ट में वीरपाल निवासी मलसराय, गोवर्धन के खिलाफ अपहरण-दुष्कर्म के मुकदमे में गवाही को जा रही थी। तभी थाना बरसाना क्षेत्र के गांव गाजीपुर बंबे के पास पीड़िता को वीरपाल ने तीन साथियों के साथ तमंचे के बल पर रोक लिया और अपहरण कर ले गया। आरोप है कि अपहरण के बाद उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया। आरोपी वीरपाल व उसके तीन साथी बबली, राजन एवं रामकुमार निवासीगढ़ मलसराय, गोवर्धन को गिरफ्तार कर जेल भेजा। चार्जशीट के आधार पर मुकदमे में ट्रायल चला। ट्रायल के दौरान पीड़िता सहित छह गवाह व साक्ष्य पेश किए गए। अदालत ने इनके आधार पर वीरपाल को दोषी पाया। अन्य तीन को साक्ष्यों के अभाव में आरोपमुक्त किया गया। वीरपाल को 10 साल कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना राशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। जुर्माना न भुगतने की दशा में एक साल अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। एडीजीसी के अनुसार वीरपाल वर्तमान में आगरा सेंट्रल जेल में बंद है। पीड़िता द्वारा इस मुकदमे से पूर्व की गई वारदात में उसे पहले ही सजा हो चुकी है।
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Author: Vijay Singhal
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