हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में पवित्रा एकादशी पर अपने आराध्य के दर्शन को श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इससे एक बार फिर अव्यवस्था फैल गई। बांकेबिहारी बाजार में भीड़ नियंत्रित को लगाई गई रेलिंग गिर गई। गनीमत रही कि किसी श्रद्धालु को चोट नहीं आई। वहीं, भीड़ में छत्तीसगढ़ की एक महिला बेहोश हो गई। सप्ताहांत रविवार को पवित्रा एकादशी के पावन पर्व पर वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी के दर्शन को दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गाजियाबाद से बड़ी संख्या में दर्शन को आए। इधर, एकादशी होने के चलते स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। आराध्य की भक्ति में लोगों ने पंचकोसीय परिक्रमा भी लगाई। सुबह ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के पट खुलते ही मंदिर खुलने का इंतजार कर रहे श्रद्धालु आराध्य के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। भीड़ के चलते मंदिर को जाने वाले मार्गों और सकरी गलियों में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। वहीं, मंदिर की सीढ़ियों से लेकर चौक तक श्रद्धालुओं ने भीड़ के दबाव के बीच दर्शन किए। इस बीच मंदिर के प्रवेश द्वार संख्या 3 पर छत्तीसगढ़ की एक महिला श्रद्धालु कविता (30) बेहोश हो गई और रेलिंग के पास गिर पड़ी। उसके साथ दर्शन करने आए भाई मुकेश ने उसे उठाया और भीड़ से अलग ले जाते हुए पानी के छींटे दिए। होश होने पर उसे पानी पिलाया। इसके बाद वह दोनों भीड़ के दबाव और धक्कामुक्की को देखते हुए बगैर दर्शन करते हुए लौट गए। वहीं, बांकेबिहारी बाजार में पुलिस चौकी के समीप भीड़ नियंत्रण के लिए लगाई गई लोहे की रेलिंग गिर गई, जिससे लोग बाल-बाल बचे। कदम-कदम पर अव्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालु कोसते नजर आए। मंदिर में तैनात डाक्टर विनायक ने बताया कि एक श्रद्धालु महिला बेहोश हो गई थी, जिसे लेकर एक युवक आया था। महिला प्राथमिक उपचार के बाद सही हो जाने पर जाने पर चली गई। पवित्रा एकादशी के अवसर पर रविवार को हजारों श्रद्धालुओं ने राधे-राधे की रटना के साथ वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। मगर, पुलिस ने परिक्रमार्थियों की सुरक्षा और अव्यवस्थाओं की अनदेखी करते हुए वाहनों को नहीं रोका। सरपट दौड़ते वाहनों के बीच परिकमार्थियों ने परिक्रमा की। परिक्रमा मार्ग में ट्रैक्टर, टैंकर, कार, ई-रिक्शा के संचालन के बीच हॉर्न का शोर, धुआं के बीच परिक्रमार्थियों ने पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। ज्ञात हो कि परिक्रमा मार्ग में वाहनों के संचालन पर रोक लगाने को लेकर संतों ने पूर्व में आंदोलन किया था। कुछ समय के लिए पुलिस प्रशासन ने वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई थी, लेकिन कुछ दिनों के बाद पुलिस ने परिक्रमार्थियों की अनदेखी करते हुए वाहनों का संचालन होने लगा। इसे लेकर महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने कहा कि परिक्रमा मार्ग में वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए। इसे लेकर संतों और विप्रों द्वारा आंदोलन किए गए। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानी की अनदेखी कर रहा है।
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Author: Vijay Singhal
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