हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के बरसाना में एक बार फिर होली खेली गई। यहां के प्रसिद्ध राधारानी मंदिर में जमकर रंग गुलाल उड़ाया गया और गाए गए होली के पद। सावन महीने में होली देख हर कोई अचंभित हो गया। लेकिन जब यहां दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को पता चला कि अधिक मास में साल भर के सभी पर्व लाडली जी मंदिर में मनाए जा रहे हैं तो वह भी होली की मस्ती में डूब गए। बरसाना में ब्रह्मांचल पर्वत पर बने विश्व प्रसिद्ध राधारानी मंदिर में होली की धूम मची। यहां के सेवायत गोस्वामी समाज ने राधा रानी के समक्ष समाज गायन किया। इस समाज गायन में होली के पद गाए गए। गोस्वामी समाज के लोग ढोल की थाप के साथ राधारानी और भगवान कृष्ण को होली के पद सुना रहे थे। समाज गायन के दौरान गोस्वामी समाज के लोगों ने लठमार होली के पद भी गा कर लट्ठमार होली की परंपरा भी निभाई। शाम अधिक मास की नवमी को बरसाना के श्री जी मंदिर में होली पर्व मनाया गया। मंदिर परिसर में पहले राधा रानी और भगवान कृष्ण के प्रतिकात्मक रंग,गुलाल लगाया गया। इसके बाद समाज गायन के बीच मंदिर के गोस्वामियों ने जमकर रंग गुलाल उड़ाया। बरसाना में राधारानी के दर्शन करने आए श्रद्धालु यहां उड़ाए जा रहे रंग,गुलाल को देख कर अचंभित हो गए। क्योंकि होली फागुन में खेली जाती है। लेकिन जब उनको पता चला कि अधिक मास होने के चलते यहां रंग गुलाल उड़ाया जा रहा है तो वह भी होली की मस्ती में डूब गए और खेलने लगे होली। पुरुषोत्तम मास जिसे अधिक मास भी कहा जाता है इसे सनातन धर्म में बहुत ही पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने भक्त प्रभु की आराधना करते हैं तो ब्रज 84 कोस परिक्रमा भी करते हैं। 3 वर्ष में एक बार पड़ने वाले इस अधिक मास में वर्ष भर में उड़ने वाले सभी पर्व मनाए जाते हैं। इसीलिए राधारानी मंदिर में होली का पर्व मनाया गया।
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Author: Vijay Singhal
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