हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में होली उत्सव का आयोजन किया गया। अधिक ( पुरुषोत्तम) मास में आयोजित किए जा रहे उत्सवों की श्रृंखला में भगवान ने भक्तों के साथ होली खेली। प्रति 3 वर्ष में पड़ने वाले अधिक मास में पूरे साल के त्योहारों का ब्रज के मंदिर में आयोजन किया जाता है। पुष्टि मार्गीय संप्रदाय के मंदिर द्वारिकाधीश में शनिवार को होली उत्सव का आयोजन किया गया। गर्भ गृह से मंदिर के पुजारी भक्तों पर रंग डालते हुए नजर आए। मंदिर परिसर में ऐसा लग रहा था जैसे फाल्गुन माह यानि होली का महीना चल रहा हो। पूरा मंदिर परिसर भगवान द्वारिकाधीश जी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। अधिक मास में मनाए गए इस होली उत्सव के लिए पूरे मंदिर को कुंज का स्वरूप दिया गया। गर्भ गृह पर हरे पत्तों से सजावट की गई। मंदिर में ऐसा लग रहा था जैसे भगवान द्वापर युग में हरे भरे वृक्षों के बीच विराजमान हो कर होली खेल रहे हों। भावनात्मक रूप से मान्यता है कि कुंजन होरी रे श्याम पिया रसिया अर्थात कुंज में विराजमान होकर प्रिया प्रियतम दोनों होली खेल रहे हैं। इस दौरान भक्तों ने भगवान को होली के पद भी सुनाए। सनातन धर्म में अधिक मास का विशेष महत्व है। प्रति 3 वर्ष बाद पड़ने वाले इस महीने को अधिक मास, खरमास, मलमास और पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। यह महीना प्रत्येक 32 महीने 16 दिन और 4 घड़ी के अंतर पर आता है। इस महीने में भगवान के विभिन्न उत्सव, प्रभु की आराधना और सभी कामना पूरे करने वाले काम किए जाते हैं।
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Author: Vijay Singhal
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