हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में 45 साल बाद भीषण बाढ़ आई है। दरअसल, यमुना डेंजर लेवल से 1 मीटर ऊपर बह रही हैं। इससे 52 कॉलोनियों में पानी भर गया है। यही नहीं, पानी मंदिरों तक पहुंच गया है। इसके चलते नदी के आस-पास के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। NDRF ने अब तक 500 लोगों को सुरक्षित राहत शिविर में पहुंचाया है। इसके अलावा अभी भी बहुत सारे लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। इन लोगों ने छतों पर रात काट रहे हैं। वहीं बाढ़ के पानी में डूबने से मथुरा 1 शख्स जितेंद्र की मौत हो गई। वो घर के बाद भरे पानी में ही डूब गया। एक तरफ, यमुना में आई बाढ़ से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। दूसरी तरफ, ब्रजवासी यमुना के इस स्वरूप को देखकर श्रद्धा से सराबोर हैं। वृंदावन के ज्ञान गुदड़ी में यमुना का पानी पहुंचने पर पूजा-अर्चना की गई। मान्यता है कि इस स्थान पर यमुना का जल भगवान से मिलने आता है। यह स्थान यमुना की मुख्य धारा से करीब 2 Km शहर में अंदर है। इससे पहले यहां यमुना का जल 2010 में आया था। यमुना ने सबसे पहले केशीघाट पर बने प्राचीन यमुना मंदिर में प्रवेश किया। इसके बाद वहां बने हनुमान मंदिर में भी यमुना का पानी पहुंच चुका है। पूजन के बाद यहां कपाट बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद यमुना का जल कालिदह मंदिर पर भी पहुंच गया है। इस स्थान पर द्वापर में भगवान श्री कृष्ण ने यमुना में रहकर जल को जहरीला कर रहे कालिया नाग को नाथा था। यहां बताते हैं कि यमुना इससे पहले 45 वर्ष में आई थीं। यमुना मथुरा में खतरे के निशान से 1 मीटर ऊपर बह रही है। दिल्ली में कोहराम मचाने वाली यमुना नदी का पानी अब शहर के अंदर आ चुका है। मथुरा-वृंदावन की 45 से ज्यादा कॉलोनी में केवल यमुना का पानी नजर आ रहा है। वृंदावन का आधे से ज्यादा परिक्रमा मार्ग पानी में डूबा हुआ है। मथुरा में खतरे का निशान 166 मीटर है, यहां यमुना अब 167 मीटर के करीब है। DM पुलकित खरे बाढ़ राहत शिविर केंद्र पहुंचे। बाढ़ पीड़ितों के बीच जमीन पर बैठकर उन्होंने बात की। डीएम ने एक केंद्र के लिए एक डिप्टी कलेक्टर को नोडल अधिकारी बना दिया है। ताकि लोगों को साफ पानी और भोजन मुहैया कराया जा सके। यमुना जल में हुई बढ़ोतरी का असर अब पूरे शहर में देखने को मिल रहा है। वृंदावन में 18 से ज्यादा नलकूप बंद हो गए हैं। जिसकी वजह से 3000 से ज्यादा घरों में पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है। कई इलाकों में नगर निगम टैंकरों से सप्लाई करने कर रहा है। मथुरा में बाढ़ के पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। आगरा के अछनेरा का रहने वाला 35 वर्षीय जितेंद्र उर्फ जीतू पिछले 8 वर्ष से वृंदावन में रह रहा था। जीतू रविवार को मकान और आसपास पानी आने पर यमुना में नहाने चला गया। घर से कुछ दूर चलने पर ही पानी का तेज बहाव होने के चलते बैलेंस बिगड़ गया और वह गिर गया। जीतू के गिरते ही मौके पर मौजूद लोग उसे बचाने दौड़े। किसी तरह जीतू को पानी से निकाला, लेकिन उसकी मौत हो गई थी। मथुरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रयाग घाट पर यमुना नदी खतरे के निशान 166 मीटर से 40 सेमी. ऊपर बह रही है। 40 गांव और 12 कॉलोनी बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 1 हजार लोग यहां फंसे हुए हैं। वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर से 500 मीटर दूर तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। रिंग रोड 3 जगह पर डूबी हुई है। यहां 3-3 फीट पानी भरा हुआ है। गाजियाबाद में अल्लीपुर तटबंध टूटने से करीब 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में यमुना का पानी भर गया है। यहां 9 गांव में पानी भरा हुआ है।
