हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। करीब 42 कानूनों के प्रावधानों में सजा को खत्म कर जुर्माने का प्रावधान लाने की पहल की आम लोगों सहित अधिवक्ताओं ने सराहना की है। कानून के जानकारों का कहना है कि कानून में बदलाव लोगों को सहूलियत पहुंचा सकता है। प्रावधानों में संशोधन करना समय की आवश्यकता है। वहीं कई अधिवक्ताओं का तर्क है कि इससे जुर्म करने की प्रवृत्ति अधिक हो जाएगी और पैसे वाले लोग अपराध करके पैसा देकर छूट जाएंगे। वरुण रावत एडवोकेट का कहना है कि वैसे तो इस तरह का बदलाव काफी अच्छा है, इसकी पहल करके सरकार ने अच्छा कदम उठाया है, कई मुकदमे अनायास अदालतों में चलते रहते हैं, फूड सेफ्टी एक्ट में पहले भी पिछली सरकारों ने बदलाव किया था, जिससे लोगों को काफी राहत मिली और जुर्माना अदा कर कर अपने व्यापारिक कामकाज में लगे रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता महेश गर्ग का कहना है की एमएसी केस में जुर्माने के संशोधन का प्रावधान सड़क दुर्घटनाओं को बढ़ा सकता है, अमीर लोग, वाहन चालक, इसका लाभ जुर्माना देकर उठाएंगे। अभी चालक में है भय बना रहता है कि कहीं जेल ना हो जाए।
आशीष प्रताप गौतम एडवोकेट का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट का मुख्य उद्देश्य खत्म हो जाएगा और पैसे वाले लोग इसका फायदा उठाएंगे। अभी कई लोग इस कानून के कारण देश छोड़कर भाग गए और चिटफंड कंपनी के माध्यम से पैसा ऐंठने वालों के लिए यह प्रावधान लाभकारी हो जाएगा। इसलिए इस कानून में कठोर कारावास का प्रावधान होना चाहिए। सुभाष कुमार एडवोकेट कहते हैं कि केवल जुर्माना अदा करके अपने जुर्म का इकबाल करना, न्यायालय के लिए काफी हद तक अच्छा होगा। इससे बढ़ते मुकदमों में कमी आ सकेगी। कानून में कमी होती ही है, लेकिन उन कमियों को समय रहते सुधारना ही सरकार की जिम्मेदारी
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Author: Vijay Singhal
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