हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा में झमाझम बारिश का दौर जारी है। यहां के कई जिलों के साथ मथुरा में भी बारिश हो रही है। यहां 13 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। मथुरा में हो रही बारिश के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत मथुरा वृंदावन इलाके में देखने को मिली। 10 तस्वीरों में देखिए बारिश से क्या हाल हुआ भगवान कृष्ण की नगरी का। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व योगानंद पांडे ने बताया कि निदेशक,इंचार्ज भारत सरकार पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत मौसम विज्ञान विभाग, राज्य मौसम पूर्वानुमान केन्द्र लखनऊ से मिली सूचना के अनुसार 10 से 13 जुलाई 2023 तक अन्य जिलों के साथ-साथ मथुरा में आंधी, मेघ, गर्जन, वज्रपात एवं वर्षा होने की सम्भावना हैं। इसलिए जान-माल की सुरक्षा के दृष्टिगत बचाव के आवश्यक उपाय एवं आवश्यक संसाधन,व्यवस्था करें। जिससे कि किसी प्रकार की अप्रिय घटना क्षति से बचा जा सके। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व योगानंद पांडे ने किसानों से अपील की है कि इस आंधी, मेघ गर्जन, वज्रपात एवं वर्षा से खुद को सुरक्षित करते हुए फसल की उपज को भी सुरक्षित स्थान पर रखे। जिससे किसी प्रकार के नुकसान आदि से बचा जा सके। तेज हवा, बारिश व बिजली चमकने के समय बड़े पेड़ के नीचे, कच्चे मकानों में न रहें। बिजली के खंभों के नीचे व उनके पास दोपहिया व चार पहिया वाहन खड़ा न करे। बड़े होर्डिंग्स लगे स्थानों से दूर रहें। बिजली के खंभों, तारों व् ट्रांसफॉर्मर आदि से दूरी बनाये रखें। बैटरी से संचालित मोबाइल, इन्वर्टर आदि उपकरणों को फुल चार्ज रखे। पशुओं को बारिश में बचाने हेतु सुरक्षित स्थान पर बांधे। आपात स्थिति में टौर्च, रेन कोट का प्रयोग करे। सहयोग से वज्रपात की पूर्व चेतावनी देने के लिए दामिनी ऐप बनाया है। प्रशासन ने अपील कि है की सभी लोग अपने मोबाइल में दामिनी एप डाउनलोड कर लें। दामिनी ऐप लगभग 20 किलोमीटर के क्षेत्र में संभावित लाइटनिंग अलर्ट का नोटिफिकेशन लगभग 4 घंटे पूर्व बताता हैं। अलर्ट मिलने पर व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने तथा बचाव का समय मिल जायेगा। मथुरा वृंदावन को स्मार्ट सिटी के रूप में डवलप करने के लिए तमाम योजनाएं लेकर आ रही है। लेकिन जिम्मेदार हैं कि वह केवल कागजों पर ही अपने काम को कर पीठ ठोक रहे हैं। जबकि हकीकत कोसों दूर है। मथुरा में हुई बारिश के बाद महानगर की तस्वीर ही बदल गई। यहां की सड़कें जलमग्न हो गई। अंडर पास में जलभराव होने से वाहन फंस गए।
