मथुरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अब एक और ऑफिस होगा। उनका नया कार्यालय मथुरा में बना है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्यमंत्री अध्यक्ष हैं। इसलिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद के बने नए कार्यालय में मुख्यमंत्री का भी ऑफिस बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में 2017 में मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ने शपथ लेते ही सबसे पहले ब्रज के विकास और यहां के स्थानों के संरक्षण के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की घोषणा की थी और ब्रज तीर्थ विकास परिषद बनाया। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एक्ट के मुताबिक इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री हैं, जबकि उपाध्यक्ष को मुख्य सचिव का दर्जा प्राप्त है। इसके अलावा 18 से अधिक विभागों के प्रमुख सचिव के साथ कमिश्नर आगरा और मथुरा के डीएम भी सदस्य के रूप में शामिल हैं। ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन होने के बाद इसका अस्थाई कार्यालय मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के कार्यालय के एक हिस्से में बनाया गया। 2022 में ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यालय के लिए जमीन की तलाश पूरी हुई और कार्यालय बनना शुरू हुआ। जवाहर बाग के समीप बना यह कार्यालय अब जून 2023 में बनकर तैयार हो गया है। जवाहर बाग के समीप सिविल लाइन एरिया में ब्रज तीर्थ विकास परिषद का कार्यालय 1500 वर्ग फीट क्षेत्र में बना है। 3 मंजिला इस भवन में मीटिंग हॉल के अलावा अंडर ग्राउंड पार्किंग भी बनाई गई है। इस भवन को बनाने में 8 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत आई है। भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था विकास प्राधिकरण ने गाजियाबाद की एक कंपनी ने किया है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद का कार्यालय है लिहाजा इसका बाहरी स्वरूप ब्रज के धार्मिक स्वरूप के अनुरूप बनाया गया है। लाल पत्थर से बनाए गए इस भवन के मुख्य गेट पर खंभे लगाए गए हैं इसके अलावा द्वार के ऊपर टॉप पर गुम्बद बनाई गई है। मंदिर के ग्राउंड फ्लोर पर भगवान कृष्ण का मंदिर बनाया गया है वहीं डिप्टी सीईओ और अन्य कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था है। कार्यालय के तीसरी मंजिल पर मुख्यमंत्री का ऑफिस,सभागार बनाया गया है। वहीं उपाध्यक्ष भी इसी मंजिल पर बैठेंगे। मथुरा धार्मिक क्षेत्र है। भगवान श्री कृष्ण ने यहां जन्म लिया और ब्रज 84 कोस में अलग अलग लीलाएं की। मथुरा में पर्यटक सबसे ज्यादा वृंदावन,गोवर्धन में आते हैं। लेकिन ब्रज तीर्थ विकास परिषद का प्रयास है कि पर्यटक पूरे ब्रज क्षेत्र में भ्रमण करें। पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान रखा जाता है। रसखान की समाधि, ब्रह्मांड घाट, गोवर्धन परिक्रमा, गोवर्धन,वृंदावन बस अड्डा, श्रीकृष्ण जन्म स्थान, चिंताहरण महादेव, यमुना देवरहा घाट, कोकिलावन शनिधाम आदि प्रोजेक्ट तीर्थ विकास परिषद ने विकसित किए हैं।
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Author: Vijay Singhal
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