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मथुरा राष्ट्रीय मार्ग पर आठ किलोमीटर दूरी, चार फुट ओवरब्रिज, सिर्फ एक पर रैंप

ByVijay Singhal

Jun 13, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एनएच-19 पर बने सभी कटों को तो बंद कर दिया, लेकिन हाइवे के दोनों और बसे लाखों लोगों के लिए आर-पार जाने की समुचित व्यवस्था नहीं की। यही कारण है कि लोगों को 100 मीटर की दूरी तय करने के लिए करीब सात किलोमीटर चलना पड़ता है या फिर मजबूरन रैलिंग पार करो या दुपहिया लेकर विपरीत दिशा में चलकर जान जोखिम में डालो। टाउनशिप से गोवर्धन चौराहे तक करीब 8 किमी की दूरी में महज चार फुट ओवरबि्रज हैं और हाइवे के आरपार जाने के पांच रास्ते हैं। ताज्जुब है कि चारों ओवरबि्रज में से महज एक पर ही रैंप है। सेंट फ्रांसिस स्कूल और चंदनवन के पास फुटओवर ब्रिज तो बना दिया है, लेकिन रैंप के लिए महज फाउंडेशन बनाकर छोड़ दिया है। कुल मिलाकर अनियोजित निर्माण का खमियाजा लोगों का उठाना पड़ रहा है। जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग का 86 किलोमीटर का हिस्सा आता है। एनएचएआई ने हादसों पर लगाम लगाने के लिए हाइवे पर बने कटों को बंद कर दिया। टाउनशिप के बाद हाइवे थाने के सामने, जयगुरुदेव आश्रम और मंडी समिति के बीच दो व गोवर्धन चौराहे पर ही यू टर्न है। इनके अलावा गोवर्धन चौराहे तक करीब आठ किलोमीटर के एरिया में दोपहिया वाहन चालकों के लिए आर-पार जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। मंडी समिति के पास फुटओबर ब्रिज के साथ ही रैंप बनाया है, लेकिन यहां चढ़ने और उतरने वाले स्थान पर लोहे के पिलर लगा रखे हैं। इस कारण दोपहिया वाहन चालक इसका इस्तेमाल ठीक तरह से नहीं कर पा रहे हैं। कुछेक लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इन पिलरों से बचकर किसी तरह फुटओवर ब्रिज का प्रयोग कर रहे हैं। टाउनशिप चौराहे से गोवर्धन चौराहे तक दोनों ओर अनेक कॉलोनियों में लाखों की आबादी है। लोगों को रोजाना इस पार से उस पार जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों के अलावा दोपहिया वाहन चालकों को होती है। चंदनवन, मोतीकुंज के बाशिंदों को बाइक लेकर गोवर्धन चौराहे की तरफ जाना है तो महज 100-200 मीटर की दूरी के लिए 6-7 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। दोनों और की कॉलोनियों में रहने वाले बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं तो फुटओबर ब्रिज का भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि नवादा और चंदनवन के पास स्थित ओवरबि्रज पर रैंप नहीं हैं।
चंदनवन और नबादा कट बंद होने से हो रही परेशानी पहले औरंगाबाद तिराहे के बाद नबादा गांव और चंदनवन पर कट था। यहां से लोग एक ओर से दूसरी ओर जाते थे, लेकिन एनएचएआई ने इन्हें बंद कर दिया है। नबादा गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास फुटओवर ब्रिज बना दिया। यहां दोपहिया के लिए भी रैंप भी बनना था, फाउंडेशन भी तैयार किए गए, लेकिन बनाया नहीं गया। इसी तरह चंदनवन कट पर भी पिलर बनाकर छोड़ दिए गए हैं।कदंब विहार कॉलोनी के सामने एनएचएआई ने दो फ्लाई ओवर का जोड़ बना दिया है। इस कारण पूरे दिन जाम के हालात रहते हैं। लोगों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से कई बार की है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। स्थानीय निवासी ललित मोहन इस समस्या के लिए स्थानीय नेताओं को जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि जब फ्लाई ओवर का निर्माण हो रहा था उसी समय विरोध किया जाता तो आज समस्या नहीं झेलनी पड़ती। कदंब बिहार निवासी कुलदीप ने बताया कि काॅलोनी में रहने वाले एक पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष ने अपने निजी स्वार्थ के कारण न तो खुद विरोध किया और न किसी को करने दिया।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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