हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद ईदगाह विवाद में विशेष लोक अदालत के तहत सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी है। मथुरा न्यायालय में सुलह समझौता की वार्ता विफल होने के बाद पत्रावली को सुप्रीम कोर्ट भेजा गया था। यहां पर 23 अगस्त को सुनवाई होनी थी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष और पक्षकार अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में विशेष लोक अदालत के तहत लगभग 15 हजार पत्रावलियां होने के कारण श्रीकृष्ण जन्मभूमि की फाइल का नंबर ही नहीं आ सका। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अब इस मामले में 25 अगस्त को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद ईदगाह विवाद में 17 वाद कोर्ट में दाखिल हुए थे। यह सभी वाद मथुरा न्यायालय से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर किए गए थे। यहां पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में सुनवाई चल रही है। इसी दौरान कुछ पक्षकारों ने सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद को हल करने के लिए सुलह-समझौते ही याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मथुरा न्यायालय को सुलह-समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करने के आदेश दिए थे। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार यादव (द्वितीय) की कोर्ट ने दोनों पक्षों को 7 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिए थे। वाद का निस्तारण नहीं होने पर कोर्ट ने 18 अगस्त को दोबारा सुनवाई के लिए दोनों पक्षों को बुलाया था। इस बार मुस्लिम पक्ष के उपस्थित न होने पर कोर्ट ने सुनवाई को स्थगित करते हुए पत्रावली को सुप्रीम कोर्ट भेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट में विशेष लोक अदालत के तहत 23 अगस्त को सुलह-समझौता के तहत पत्रावलियों का निस्तारण होना था, लेकिन लगभग 15 हजार पत्रावली होने पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद ईदगाह विवाद की पत्रावली का नंबर ही नहीं आ सका। अब इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण से जुड़े कई मुद्दों पर सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए वाद के बिंदु तय किए जाएंगे। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर दोनों पक्ष कोर्ट में अपने-अपने साक्ष्य और जवाब प्रस्तुत करेंगे।
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Author: Vijay Singhal
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