हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, स्कूली वाहनों के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन स्कूलों ने अब तक अपने वाहनों की फिटनेस नहीं कराई है, वे तीन दिन में परिवहन कार्यालय से फिटनेस प्रक्रिया पूरी करा लें। ये बातें मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के तहत कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित जिला विद्यालय यान परिवहन समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने कहीं। डीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल बस और अधिकृत वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स, सीट बेल्ट, अग्निशामक यंत्र और खिड़कियों पर सुरक्षा ग्रिल या जाल होना अनिवार्य है। चालकों के पास 5 वर्ष पुराना लाइसेंस होना चाहिए। चालकों का नियमित नेत्र परीक्षण, पुलिस सत्यापन और चरित्र प्रमाण पत्र अनिवार्य है। जो वाहन प्रयोग में नहीं हैं या कबाड़ में कट चुके हैं, उनका पंजीकरण तुरंत कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। वहीं प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए मेज-कुर्सी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह, वरिष्ठ एआरटीओ (प्रवर्तन) राजेश राजपूत, एआरटीओ (प्रवर्तन) सत्येंद्र कुमार सिंह, यात्रीकर अधिकारी संदीप चौधरी, यात्रीकर अधिकारी पूजा सिंह आदि उपस्थित रहे।
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