हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। देश के पहाड़ी इलाकों में हो रही वर्षा से यमुना के जल स्तर में वृद्धि हो सकती है। फिलाहल यमुना की स्थिति नियंत्रण में है, वहीं जनपद में लगातार हो रही वर्षा पर जिले के अधिकारी नजर बनाये हुए हैं। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने पशु पालन विभाग के सीवीओ को निर्देश दिए हैं कि जहां गोशालाओं में पानी भरे वहां की गायों को सुरक्षित गोशालाओं में सिफ्ट करा दिया जाए। रविवार को यमुना का जल स्तर मथुरा के प्रयागघाट पर 164.52 मीटर दर्ज किया गया। वैसे मथुरा में यमुना नदी का खतरे का निशान प्रयाग घाट पर 166 मीटर निर्धारित है। जबकि यमुना का चेतावनी स्तर 165.200 मीटर पर है। खतरे के निशान से अभी प्रयागघाट पर 1.48 मीटर नीचे है। जबकि चेतावनी स्तर से अभी 68 सेमी नीचे है। दूसरी तरफ जन्माष्टमी से पहले से मथुरा जनपद में प्रारंभ हुई वर्षा अभी भी जारी है। यदि वर्षा आगमी चार पांच दिन जारी रही तो गोशालओं के लिए वर्षा खतरा बन सकती है। इससे वृंदावन परिक्रमा मार्ग में संतों के आश्रमों में संचालित हो रही निजी 15 गोशालाओं के लिए खतरा बन सकती है। जिनमें टटिया स्थान और सुदामा कुटी की गोशाला प्रमुख है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी नरेन्द्र नारायण शुक्ला ने बताया कि गोशालाओं की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आठ छोटी गोशालाएं पहले से ही सिफ्ट की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वृंदावन परिक्रमा मार्ग की 15 गोशालाएं जरूर वर्षा और यमुना में पानी बढ़ने से प्रभावित हो सकती है। इनकी गायों को ऊंचे स्थानों पर सिफ्ट की जाएंगी।
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पाँच दिन बारिश हुई तो हो सकता है गोशालाओं की गायों को खतरा
