हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर अब गांव-गांव से प्रस्ताव जुटाने की पहल शुरू करने का आह्वान किया गया है। रविवार को नगरी गांव की चौपाल पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के आह्वान पर हुई पंचायत में मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया। पंचायत में आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने भी अपने-अपने गांव में प्रस्ताव पारित कर न्यास को भेजने की बात कही। पंचायत में श्री कृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद केस के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की लड़ाई किसी नई अथवा वैकल्पिक भूमि की मांग को लेकर नहीं है। उनका कहना है कि हिंदू पक्ष की मांग भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह स्थल को लेकर है और उसी स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चौपाल में ग्रामीणों से पूछा कि कितने लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हाथ उठाकर जवाब दिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर के समीप स्थित मस्जिद को देखने के संबंध में भी सवाल किया। महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि ऐतिहासिक साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर मूल गर्भगृह स्थल को लेकर न्यायालय में कानूनी लड़ाई चल रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और समझौते के प्रयास भी आगे नहीं बढ़ सके हैं। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि गांव-गांव में पंचायत कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए जाएं और इन प्रस्तावों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास को भेजा जाए। मंदिर निर्माण के सवाल पर उठे दोनों हाथ महेंद्र प्रताप सिंह ने पंचायत में मौजूद लोगों से पूछा कि भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए या नहीं। इस पर श्रद्धालुओं ने दोनों हाथ उठाकर अपनी सहमति जताई। इसके बाद चौपाल तालियों से गूंज उठी। उन्होंने कहा कि जन्मभूमि के विषय में ऐतिहासिक सामग्री और दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में पक्ष रखा जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
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नगरी की चौपाल पर में मंदिर निर्माण के समर्थन में कई गांवों की पंचायत – महेंद्र प्रताप सिंह
