• Sun. Feb 8th, 2026

अर्बन एरिया राया और हेरिटेज को कराया कब्जा मुक्त

ByVijay Singhal

Feb 5, 2026
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा।  यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मांट क्षेत्र में हेरिटेज सिटी और राया अर्बन सिटी की सीमा में हो रहे अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने दावा किया है कि करीब 400 करोड़ से ज्यादा की जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। पिछले कई दिनों से यीडा और स्थानीय प्रशासन मिलकर इसकी योजना तैयार कर रहे थे। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत पानीगांव यमुना पुल के के पास विकसित की जा रही करीब तीन एकड़ कॉलोनी से की गई। यहां कॉलोनी की सभी दीवारें तोड़ने के बाद वृंदावन कट के पास निर्माणाधीन शिवा ढाबे को जमींदोज कर दिया गया। इसके बाद रुद्र शिवा ढाबा के पास काफी बड़े क्षेत्र में बनाए जा रहे एक अन्य ढाबे को भी जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया गया। शाम के समय राधा रानी मानसरोवर के पास अरुआ खादर में निर्माणाधीन 40 फ्लैट भी ध्वस्त किए गए। डांगोली पानीगांव रोड पर पंचायती गौशाला के पास विकसित की जा रही कॉलोनी पर भी कार्रवाई की गई। दीवाना कलां ग्राम पंचायत क्षेत्र में एक विशाल मंदिर का निर्माण चल रहा है। इसके साथ ही चार मंजिला फ्लैट भी बनाए जा रहे थे। अधिकारियों के आदेश पर मंदिर को भी आंशिक रूप से तोड़ दिया गया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध भी किया। इस दौरान यीडा के ओएसडी के अलावा एसडीएम मांट ऋतु सिरोही, यीडा के एसडीएम शिव अवतार सिंह, अभिषेक शाही, कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, तहसीलदार मनीष सिंह, प्रबंध निदेशक प्रोजेक्ट राजेन्द्र भाटी, सीओ सदर पीपी सिंह और बड़ी तादाद में पीएसी और स्थानीय पुलिस मौजूद रही। यीडा के ओएसडी शेलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हेरिटेज सिटी और राया अर्बन सिटी में आज अवैध कब्जे हटाकर चार सौ करोड़ से अधिक की जमीन को मुक्त कराया गया है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यीडा की सीमा में कोई भी व्यक्ति जमीनों में निवेश न करे। किसी व्यक्ति ने यदि इस सीमा में मकान बना लिया है और निवास कर रहा है तो उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होगी, लेकिन व्यवसायिक उपयोग किसी जमीन का नहीं होने दिया जाएगा।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.