• Fri. Feb 13th, 2026

व्रन्दावन में प्रभु से बढ़कर कोई सुख और संपदा नहीं : ओझा

ByVijay Singhal

Mar 6, 2025
Spread the love
मथुरा। वृंदावन में श्रौतमुनि निवास आश्रम में 85 वें होली महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिन बुधवार को अध्यात्म की बयार बही। कथा प्रवक्ता रमेश भाई ओझा ने कहा कि प्रभु से बढ़कर कोई सुख और संपदा नहीं, लेकिन आज का मानव भगवत भक्ति को छोड़कर सांसारिक विषयों में लिप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन भोग के लिए नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति के लिए मिला है। कथा व्यास ने कहा कि यदि यह सांसारिक विषयों में हो तो दुख का कारण बनती है, लेकिन यदि यह भगवान और उनकी भक्ति में लग जाए तो मोक्ष का द्वार खुल जाता है। उन्होंने ध्रुव चरित्र का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके शील और गुणों से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें दस हजार कानों की शक्ति दी, जिससे वे अर्धरात्रि तक प्रभु का गुणगान सुन सकें।ऋषभ देव के चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में दिव्य तप करना चाहिए, जिससे अंतःकरण की शुद्धि हो और अनंत सुख की प्राप्ति हो सके। इससे पूर्व गुरु शरणानंद महाराज, स्वामी आनंद भास्करानंद, स्वामी वेदानंद, स्वामी अद्वैतमुनि, महादेव बापू एवं अन्य संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण का विधिवत पूजन-अर्चन किया। महंत चौधरी निरंजन दास, महामंडलेश्वर प्रकाश मुनि, स्वामी भूमानंद, स्वामी ओमश्वरानंद, स्वामी निर्मल दास, स्वामी श्यामानंद, स्वामी दिव्यानंद, स्वामी परमानंद सरस्वती, डॉ. अनिलानंद सहित अनेक संत व श्रद्धालु उपस्थित थे।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.