हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ संपादक राजू शर्मा
हाथरस। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद हाथरस पहुंचे जगद्गुरु तुलसीपीठाधीश्वर स्वामी राम भद्राचार्य महाराज ने बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा, जब तक मथुरा में श्रीकृष्ण का बंद नहीं बनता, वह देश के किसी भी मंदिर में दर्शन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, मंदिर को न्यायलय से लेंगे। कृष्ण जन्म भूमि मथुरा भी न्यायालय से लेंगे, क्योंकि यह हमारा अधिकार है। कृष्ण जन्म भूमि मंदिर के लिए वह खुद न्यायालय में उपस्थित होंकर गवाही देंगे और साक्ष्य भी देंगे। यह बातें रामभद्राचार्य जी ने शहर के अग्रसेन विहार में अजय गुप्ता के आवास पर कहीं। उन्होंने कहा कृष्ण भगवान हमारे मित्र हैं। जब तक कृष्ण भगवान मंदिर नहीं बन जाता है। मैं खुद देश के किसी भी मंदिर नहीं जाऊंगा। हिंदुओं का अपमान अब नहीं सहूंगा। रामजी ने अपने अपमान का बदला ले लिया। भगवान कृष्ण को भी मुरली फेंक करके सुदर्शन चक्र उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा वह कृष्ण जन्मभूमि के लिए सनातनियों को जाग्रत करने के लिए अलख जगाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृष्ण जन्म भूमि का हाथरस बृज की देहरी से शंखनाद हो चुका है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के लोग आक्रमक थे। अब बृज के लोगों को भी कृष्ण जन्मभूमि के लिए जागृत होना होगा। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि हमारा गर्भगृह बन गया। प्रभु विराजमान हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों पर आक्रमण कर सोना औरंगजेब ले गया था। उन्होंने कहा कि बृजनाथ कृष्ण भगवान के पौत्र थे। उन्होंने कहा कि कृष्ण जन्म भूमि लेनी है। हाथरस में स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की 1384 वीं कथा चल रही है। जब अयोध्या का फैसला आना था तब भी हाथरस के बागला कॉलेज में कथा चल रही थी। अब कृष्ण जन्मभूमि का फैसला आना है। इस समय भी हाथरस के लाढ़़पुर में रामकथा हो रही है। स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि सब अच्छा होगा।
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Author: Vijay Singhal
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