हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महिला जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के ट्रेनिंग पर जाने के कारण उनके कार्यालय पर ताला लटका हुआ है। इसके कारण जिला अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात शिशु और बच्चों को लेकर उनके अभिभावक इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। वहीं जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी बढ़ गई है। महिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश सरकार की ओर से आयोजित ट्रेनिंग के लिए 8 अगस्त को बाहर चले गए। उनकी ट्रेनिंग 30 अगस्त को खत्म होगी। करीब दो सप्ताह से बाल रोग विशेषज्ञ के अभाव में अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजातों समेत अन्य बीमारी से पीड़ित बच्चों का इलाज यहां नहीं हो पा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बाल रोग विशेषज्ञ के स्थान पर किसी अन्य चिकित्सक को भी ओपीडी में बच्चों को देखने की जिम्मेदारी नहीं दी है। अस्पताल प्रशासन ने बाल रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर रहने की सूचना तो उनके कार्यालय के बाहर चस्पा कर दी है, लेकिन अभिभावक अपने बच्चों को कहां पर दिखाएं, इसकी जानकारी संबंधी कोई सूचना कहीं पर चस्पा नहीं की है। अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात को लेकर लोग निजी चिकित्सकों के पास जा रहे हैं। हालांकि जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमन कुमार के पास पहुंच भी रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि वर्तमान में 260 के करीब ओपीडी पहुंच गई है। जबकि पूर्व में यह 200 से कम ही रहती थी। महिला जिला अस्पताल के बच्चों का भी जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। अनिल कुमार, सीएमएस महिला जिला अस्पताल ने कहा, बाल रोग विशेषज्ञ सरकार की तरफ से ट्रेनिंग के लिए गए हैं। इसकी जानकारी के लिए ओपीडी कमरे के बाहर सूचना चस्पा कर दी है। अभिभावक अपने बच्चों को जिला अस्पताल में दिखा सकते हैं।
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Author: Vijay Singhal
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