हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के छटीकरा रोड स्थित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आश्रम के सभागार में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साध्वी ऋतंभरा, श्रीमद्जगद्गुरु शंकराचार्य परंपरा के संवाहक स्वामी रामदेवानंद सरस्वती एवं प्रख्यात संत स्वामी गिरीशानंद सरस्वती ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य श्रीमद्भागवत ग्रंथ का पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इससे पूर्व श्रीराधा-कृष्ण मंदिर से कथा स्थल तक श्रीमद्भागवत की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे और हरिनाम संकीर्तन के बीच निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में पीत वस्त्र धारण किए महिलाएं सिर पर मंगल कलश लेकर शामिल हुईं। व्यासपीठ से कथा का शुभारंभ करते हुए स्वामी गिरीशानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण शब्द स्वरूप में साक्षात नारायण हैं। भगवान और श्रीमद्भागवत में कोई भेद नहीं है। उन्होंने कहा कि इस दिव्य ग्रंथ में भगवान एवं उनके परम भक्तों के जीवन चरित्र का वर्णन है। मुख्य अतिथि साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि किसी भी देश की समृद्धि और प्रगति उसकी संस्कृति की सुरक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि भारत को उज्ज्वल राष्ट्र बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह भारतीय वैदिक संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण का संकल्प ले। कार्यक्रम के संयोजक पंडित आरएन द्विवेदी राजू भैया ने कहा कि सनातन धर्म का मूल आधार विश्व कल्याण, सत्य और शाश्वत जीवन मूल्य हैं। इस अवसर पर मुख्य यजमान साधना गुप्ता एवं विजय गुप्ता, कथा प्रवक्ता वर्षा महाराज, मनोज राय संजीव टेकरीवाल, अमित अग्रवाल और संदीप जैन आदि मौजूद रहे।
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Author: Vijay Singhal
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