हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिकरण के संकल्प के साथ भागवताचार्य देवकीनंदन महाराज द्वारा दिल्ली में आयोजित ‘सनातन संत संसद’ में जगद्गुरू शंकराचार्य, कथाकार, संत-महंत, अधिवक्ताओं ने सनातन धर्म की वर्तमान चुनौतियों और आगामी रणनीति पर विचार रखे। धर्माचार्यों ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा के लिए एकमत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय देते हुए आभार पत्र जारी किया। वहीं मथुरा में श्रीकृष्ण मंदिर को अतिक्रमण मुक्त कराने सहित पांच मुख्य मांगें रखीं। दिल्ली के पटपड़ गंज के उत्सव मैदान में धारा 144 लागू होने के बाद भी बड़ी संख्या में सनातनी संत संसद में पहुंचे। प्रियाकांतजु मंदिर संस्थापक देवकीनंदन महाराज ने आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरी महाराज की अध्यक्षता में सनातन संत संसद’ का शुभारंभ किया। उन्होंने दावा किया कि मुगल आक्रांताओं ने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई, केशव देव विग्रह को आगरा में मस्जिद की सीढ़ियों दबा दिया। सनातनियों के लिए यह असहनीय है, इसमें त्वरित न्याय मिलना चाहिए। द्वारकापीठ शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने भी विचार रखे। सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी का मुकदमा लड़ रहे अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि तहखाने में व्यास परिवार की पूजा की अनुमति मिली है, उसी तरह कृष्ण जन्मभूमि केस में भी 6 से 8 महीनों के अंदर जीत की स्थित में होंगे। देवकीनंदन महाराज ने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिकरण एवं आगरा की जामा मस्जिद से केशव देव प्रतिमाओं की वापसी, देश में ईशनिंदा कानून की आवश्यकता एवं रामायण-गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ के रूप में मान्यता, सनातनी मंदिरों से सरकारी नियंत्रण से छूट तथा मंदिर कोष द्वारा गुरूकुलम एवं सनातनी शिक्षा की व्यवस्था, जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने और अश्लील चलचित्र,गीत, वेब सीरीज पर रोक लगाने की मांग की। इस अवसर पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, रामकथा प्रवक्ता चिन्मयानंद बापू, साध्वी प्राची, आचार्य कौशिक महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी यतिदानंद, दाती महाराज, स्वामी चिदंबरानंद, चेतन अरुणपुरी, नवलगिरी महाराज आदि मौजूद रहे।
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Author: Vijay Singhal
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