• Thu. Aug 13th, 2026

मथुरा में प्राचीन बौद्ध प्रतिमाओं की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर नजर; पुलिस-एएसआई ने बढ़ाई चौकसी

ByVijay Singhal

Aug 13, 2026
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा प्राचीन कुषाण और गुप्त कालीन स्थापत्य कला का गढ़ है। यहां प्राचीन मूर्तियों और अवशेषों की तस्करी करने वाला एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह फिर सक्रिय हो गया है। मथुरा कला शैली के नाम पर इसी माह बहराइच (नेपाल बॉर्डर) से अंतरराष्ट्रीय तस्करी का मामला सामने आने पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। खुफिया विभाग की गोपनीय रिपोर्ट के बाद स्थानीय पुलिस और पुरातत्व सुरक्षा एजेंसियों को उच्च सतर्कता पर रखा गया है। दरअसल 2 अगस्त 2026 को मथुरा कला शैली के नाम पर अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। इसमें उत्तर प्रदेश के बहराइच (नेपाल बॉर्डर) से पुलिस ने सात तस्करों को गिरफ्तार किया। ये लोग 8 इंच ऊंची और करीब 5 किलो वजन की एक नकली बौद्ध मूर्ति को असली प्राचीन अष्टधातु अवशेष बताकर नेपाल में करोड़ों रुपये में बेचने की फिराक में थे। इस गिरोह को मथुरा से कनेक्टिड माना जा रहा है और खुफिया विभाग इस पर अलर्ट है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह मानसून और बारिश के दिनों का फायदा उठाता है। बारिश से मिट्टी का कटाव होता है, जिससे मथुरा, गोवर्धन, महावन के प्राचीन टीलों से अवशेष सतह पर आ जाते हैं। तस्कर इन स्थानों को चिह्नित कर अवैध खुदाई कर सकते हैं। वे पुरातात्विक संपदा को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में करोड़ों रुपये में बेचने की ताक में रहते हैं। ऐतिहासिक रूप से मथुरा ईसा पूर्व पहली से छठी शताब्दी तक बौद्ध मूर्तिकला का विश्व प्रसिद्ध केंद्र रहा है। मथुरा की लाल बलुआ पत्थर से बनी बौद्ध और बोधिसत्व की प्रतिमाएं अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में बेहद दुर्लभ और कीमती मानी जाती हैं। इतिहासकारों के अनुसार, मथुरा और उसके आसपास दर्जनों प्राचीन टीलों के नीचे हजारों साल पुराने अवशेष और प्रतिमाएं दबी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय काले बाजार (लंदन, न्यूयॉर्क, हांगकांग जैसे आर्ट हब) में मथुरा शैली की एक प्राचीन बौद्ध प्रतिमा की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जाती है। पुलिस और अपराध शाखा ने 2018-2020 में अंतरराज्यीय गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से कुषाण कालीन बौद्ध मूर्तियां और गुप्त कालीन सिक्के बरामद हुए थे।
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.