हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। शेरगढ़ में यमुना के पानी ने क्षेत्र के गांव बाबूगढ़ को चारों तरफ से घेर लिया है। गांव बाबूगढ़ ऊंचाई पर होने से ग्रामीण तो सुरक्षित हैं, पर गांव के रास्ते और खेतों में पानी भर गया है। इससे हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ग्रामीण घरों में कैद हो गए हैं। डीएम, एसडीएम और तहसीलदार की अपील के बाद भी ग्रामीण गांव छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार नहीं हैं। यमुना के पानी ने क्षेत्र में तबाही मचाई हुई है। निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने पुलिस कर्मी व पीएसी को तैनात किया है। मंगलवार दोपहर डीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान शेरगढ़ के गांव बाबूगढ़, ओवा, सपेरा का नगला, ढिमरी गुलाल पुर और वहटा में हालात खराब मिले। गांव गुलालपुर निवासी रालोद के प्रदेश महासचिव रामधन गुर्जर ने बाढ़ से होने वाले नुकसान के लिए समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। वहीं शेरगढ़ थाना प्रभारी प्रदीप कुमार यमुना में स्टीमर के माध्यम से पल-पल पर नजर रख रहे हैं। वहीं नौहझील क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे यमुना के जलस्तर के चलते नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है। मंगलवार को यमुना पुल के समीप 3-4 फीट ऊंचा पानी का तेज बहाव रहा। पुलिस ने झाड़ी हनुमानजी मंदिर व गांव छिनपारई प्याऊ पर बैरिकेडिंग कर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया। यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ता है, जिसके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है। क्षेत्र के आधा दर्जन गांव अड्डा मीणा, छिनपारई, फिरोजपुर, मांगरखोर, अड्डा जाटव व अड्डा मल्हान में यमुना नदी का पानी घुस चुका है, लेकिन ग्रामीण गांव छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। एसडीएम रितु सिरोही ने बताया कि नौहझील शेरगढ़ मार्ग पर आवागमन पूर्णतया बंद कर दिया है।
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Author: Vijay Singhal
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