हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कृष्ण विहार में 2.50 लाख लीटर की पानी की टंकी जमींदोज होने के हादसे में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने विवेचना के स्तर पर तेजी दिखाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने घटनास्थल की नक्शा नजरी तैयार कर ली है। इसके अलावा शहर कोतवाली की एक टीम आरोपी ठेकेदारों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। इस टीम ने आगरा, दिल्ली, एनसीआर, उत्तराखंड तक दौड़ लगाई है। मगर, अभी आरोपी हाथ नहीं लगे हैं। वहीं, मंगलवार देर रात को घायल गौरी शंकर के शव का बुधवार को पोस्टमार्टम हुआ। उनके शव का परिजनों ने दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया।
इधर, इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। आगरा में भर्ती नवाब और मथुरा के निजी अस्पताल में भर्ती प्रेमवती की स्थिति में अभी बड़ा सुधार नहीं हुआ है। अन्य 10 घायलों की स्थिति में सुधार है। उनको एक-एक कर स्थिति के हिसाब से छुट्टी देना शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि अधिशासी अभियंता निर्माण खंड, उप्र जल निगम (नगरीय) मथुरा रत्नेश कुमार श्रीवास्तव की ओर से शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें टंकी का निर्माण कार्य करने वाली फर्म मैसर्स एसएम. कंस्ट्रक्शन, 109, अदन बाग एक्सटेंशन, दयालबाग, आगरा, जिसकी हिस्सेदारी 51 प्रतिशत, जेवी मैसर्स बनवारी निवासी 230, महर्षि पुरम, आगरा की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत, जेवी मैसर्स त्रिलोक सिंह रावत, निवासी दोब, नौला (मासी), अल्मोड़ा, उत्तराखंड की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत थी। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इसके अलावा दोनों ठेकेदारों की पुलिस तलाश कर रही है। इंस्पेक्टर रवि त्यागी ने बताया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।
कई अधिकारियों की फंसेगी गर्दन, जाएंगे जेल
इस हादसे को लेकर जल निगम, नगर निगम के कार्यालय में चर्चा है कि तत्कालीन अधिकारियों ने इसमें मोटी कमिशनखोरी की। हैंडओवर के समय भी लापरवाही बरती गई। एक जनप्रतिनिधि में इसमें पैसा खाया। बताया जा रहा है कि इनके नाम भी विवेचना में खोले जाएंगे और पुलिस इनको जेल भेजेगी।
बता दें कि अधिशासी अभियंता निर्माण खंड, उप्र जल निगम (नगरीय) मथुरा रत्नेश कुमार श्रीवास्तव की ओर से शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें टंकी का निर्माण कार्य करने वाली फर्म मैसर्स एसएम. कंस्ट्रक्शन, 109, अदन बाग एक्सटेंशन, दयालबाग, आगरा, जिसकी हिस्सेदारी 51 प्रतिशत, जेवी मैसर्स बनवारी निवासी 230, महर्षि पुरम, आगरा की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत, जेवी मैसर्स त्रिलोक सिंह रावत, निवासी दोब, नौला (मासी), अल्मोड़ा, उत्तराखंड की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत थी। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इसके अलावा दोनों ठेकेदारों की पुलिस तलाश कर रही है। इंस्पेक्टर रवि त्यागी ने बताया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।
कई अधिकारियों की फंसेगी गर्दन, जाएंगे जेल
इस हादसे को लेकर जल निगम, नगर निगम के कार्यालय में चर्चा है कि तत्कालीन अधिकारियों ने इसमें मोटी कमिशनखोरी की। हैंडओवर के समय भी लापरवाही बरती गई। एक जनप्रतिनिधि में इसमें पैसा खाया। बताया जा रहा है कि इनके नाम भी विवेचना में खोले जाएंगे और पुलिस इनको जेल भेजेगी।
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Author: Vijay Singhal
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