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व्रन्दावन में पुष्पक विमान में विराजमान होकर निकले भगवान गोदारंगमन्नार

ByVijay Singhal

Mar 20, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में रंगनाथ भगवान के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव का समापन हो गया। उत्सव के 10वें दिन शनिवार देर रात भगवान रंगनाथ माता गोदा जी के साथ पुष्पक विमान (रथ) में विराजमान होकर निकले। पुष्पों से सुसज्जित विमान में विराजमान होकर निकले भगवान के दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान के स्वागत के लिए नगर वासियों ने कहीं फूलों से तो कहीं रंगों से रंगोली बनाई। रंगनाथ मंदिर से भगवान की सवारी विभिन्न प्रकार के फूलों से सुसज्जित पुष्पक विमान में विराजमान होकर निकली। इस पुष्पक विमान को वृंदावन और कोलकाता के कारीगरों ने 24 घंटे से ज्यादा मेहनत कर तैयार किया। पुष्पक विमान में विराजमान भगवान रंगनाथ और माता गोदा जी के दर्शन बेहद ही मनोहारी थे। जिस वाहन में भगवान विराजमान थे उस पर की गई आकर्षक कलाकारी भक्तों को आनंद प्रदान कर रही थी। केले के पेड़ से बनाए मोर हों या फिर विमान के आगे लगा हंस विमान की सुंदरता को चार चांद लगा रहे थे। भगवान रंगनाथ के ब्रह्मोत्सव के अंतिम दिन निकाली गई पुष्पक विमान की सवारी से पहले भगवान का पुस्पर्चन हुआ। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के बीच भगवान को पुष्प अर्पित किए। इससे पहले भगवान को 12 तरह के भोग लगाए और 12 आरती की। पश्चिम द्वार से भगवान की सवारी जब आगे बढ़ी तो रास्ते भर में भक्तों ने फूलों और रंगों से बेहद ही आकर्षक रंगोली बना रखी थी। जगह जगह महा आरती की गई। देर रात भगवान की छवि के दर्शन करने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर मौजूद रहे। मंदिर परिसर से लेकर बड़े बगीचा तक श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे। रात करीब 1 बजे भगवान की सवारी नगर भ्रमण करने के बाद पुनः मंदिर परिसर पहुंची। जहां गरुड़ स्तंभ के समीप मंडप में भगवान को विराजमान किया गया। इसके पश्चात मंदिर के महंत,पुजारी आदि ने भगवान से पूरे उत्सव के दौरान किसी प्रकार का अपराध,भोग लगाने में विलम्ब या प्रभु की सेवा में अगर कोई कमी रह गई हो इसके लिए क्षमा प्रार्थना की गई।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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