हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा के थाना कोसीकलां क्षेत्र में बुधवार को सर कटा शव तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने इस मामले का 48 घंटे में खुलासा करते हुए इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी मृतक के ही दोस्त थे। पुलिस ने मृतक का सर,हत्या में प्रयोग किया गया छुरा और मृतक के कपड़े बरामद कर लिए। बुधवार को थाना कोसी क्षेत्र के कामर गांव के तालाब में एक 25 वर्षीय युवक का सर कटा शव बरामद हुआ था। पुलिस ने जब शव को तालाब से बाहर निकाला तो उसकी शिनाख्त गांव के ही महावीर पुत्र अमर सिंह के रूप में हुई। शव का धड़ था सर गायब था। पुलिस ने शव को तालाब से निकलवा कर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में महावीर के भाई चन्दन ने शक के आधार पर उसके 3 दोस्तों के खिलाफ थाना कोसी में हत्या का मुकद्दमा दर्ज कराया। बिना सर का महावीर का शव मिलने के बाद पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई। एसएसपी शैलेश पांडे ने इस जघन्य वारदात के खुलासे के लिए सीओ छाता के नेतृत्व में 4 टीम बनाई। इस वारदात के खुलासे के लिए थाना कोसी के अलावा, एसओजी,स्वाट और सर्विलांस की टीम भी लगाई गई। पुलिस ने जांच की शुरुआत एफआईआर में दर्ज कराए गए नामों से ही की। पुलिस ने चन्दन द्वारा लिखाई गई एफआईआर में दर्ज महावीर के दोस्त दीपक,जुगेंद्र उर्फ जग्गा व विष्णु से पूछताछ के लिए उनकी तलाश की तो पता चला वह वारदात के बाद से ही फरार हैं। दोस्तों के फरार होने पर पुलिस का शक यकीन में बदल गया। इसके बाद पुलिस ने तीनों की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया। मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने का पुलिस को जल्द ही फायदा मिला। मुखबिर ने कोसी पुलिस को सूचना दी कि तीनों मोटर साइकिल से फरार मथुरा से बाहर जाने की फिराक में हैं। पुलिस बिना देर किए कोसी क्षेत्र में हताना कट के पास पहुंच गई। जहां पुलिस ने दीपक पुत्र सूरज पाल,जुगेंद्र उर्फ जग्गा पुत्र भूप सिंह व विष्णु पुत्र गिर्राज निवासी कामर को गिरफ्तार कर लिया। महावीर की हत्या के आरोपी मुख्य अभियुक्त दीपक ने पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में बताया कि उसकी सोहना गुरुग्राम निवासी पायल पुत्री शिवकुमार से हुई थी। पायल से उसका प्रेम विवाह हुआ था। उसके दो बच्चे भी हैं। दोस्त होने के नाते महावीर का दीपक के घर आना जाना था। दीपक और पायल का छोटी छोटी बातों को लेकर झगड़ा होने लगा। बात बात पर झगड़ा होने पर महावीर हस्तक्षेप करने लगा। जिससे दीपक को महावीर पर शक हुआ। आए दिन दीपक और पायल में झगड़े बढ़ने लगे। 6 महीने पहले पायल उसके बच्चों को लेकर अपने मायके चली गई। लव मैरिज होने के कारण दीपक पायल के जाने से परेशान रहने लगा। दीपक ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसका दिल टूट गया और महावीर के खिलाफ नफरत बढ़ने लगी। स्थिति यह हो गई कि उसने महावीर को ठिकाने लगाने की सोच ली। दीपक ने अपनी परेशानी अपने दोस्त जग्गा व विष्णु से शेयर की। जिसके बाद तीनों ने महावीर से बात करने के बारे में सोचा। इसके बाद 21 फरवरी को चारों ने दीपक की दुकान पर बैठकर शराब पी। महावीर को तीनों ने ज्यादा शराब पिला दी। इसके बाद चारों दोस्त दीपक की मोटर साइकिल संख्या HR 50 B 4714 से कामर से कोसी जाने वाले रोड पर गांव से बाहर पहुंचे। यहां बाइक रोक कर दीपक ने महावीर से उसके घर बिगाड़ने का कारण पूछा तो झगड़ा होने लगा। ज्यादा झगड़ा बढ़ने पर जग्गा ने महावीर के हाथ पकड़ लिए और विष्णु ने पैर। इसके बाद दीपक ने छुरा निकालकर महवीर का गला रेत दिया। इससे भी मन नहीं भरा तो महावीर का सर धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद तीनों ने महावीर का धड़ और सर अलग अलग जगह तालाब में फैंक दिया। पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर वारदात स्थल पर पहुंची। जहां से पुलिस ने आरोपियों द्वारा बताए गए स्थान से महावीर का सर बरामद कर लिया। इसके बाद पास की ही एक झाड़ी से छुरा और दीपक के घर से महावीर के कपड़े बरामद कर लिए। महावीर की निर्दयता से हत्या करने वाले दीपक की 2t वर्ष, जुगेंद्र की 22 वर्ष और विष्णु की 24 वर्ष उम्र है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
