हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा सदर के मांट, छाता, महावन में करीब चार-चार फीट पानी भर गया था। वहीं राजपुर, जयसिंहपुरा, मथुरा, बांगर और औरंगाबाद खादर गांव में भी यही हाल था। मांट के दौलतपुर, फिरोजपुर सहित अन्य चार गांवों के लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे। इसके अलावा महावन, नौहझील, शेरगढ़ और छाता में भी हालात बिगड़ गए थे। स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि लोगों के घर तक डूब गए थे। इस दौरान कुछ लोगों की मौत भी हुई थी। वृंदावन और यमुना खादर में कई मकान धराशायी हो गए थे। लोगों के घरों में करीब 10 दिन तक पानी भरा रहा था। प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में शरण दी थी। उस समय एनडीआरएफ और पीएसी ने मोर्चा संभाला था। ऐसे हालात खतरे के निशान 166.00 से अधिक जलस्तर पर बने थे। शहर के होलीगेट क्षेत्र के आसपास, द्वारिकाधीश मंदिर और श्रीबांकेबिहारी मंदिर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। वृंदावन में परिक्रमा मार्ग पर कई फीट पानी भर गया था। चीरघाट पर मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालु नाव में बैठकर पहुंचे थे। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 10 हजार से अधिक मकानों की बिजली काट दी गई थी
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Author: Vijay Singhal
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