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छाता शुगर मिल के दोबारा शुरू होने पर किसानों को मिलेगा लाभ, किसान यूनियन ने सीएम को आभार

ByVijay Singhal

Feb 27, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा के छाता में स्थित शुगर मिल एक बार फिर शुरू होने जा रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने बजट में 87 करोड़ का प्रावधान किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने हर्ष जताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। भारतीय किसान यूनियन पदाधिकारियों का कहना है इस शुगर मिल को शुरू कराने के लिए वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। मथुरा के छाता में स्थित शुगर मिल जल्द शुरू हो सकती है। 1974 में बनी इस शुगर मिल को तत्कालीन बसपा सरकार ने घाटे का सौदा बताते हुए 2008-09 में बंद कर दिया था। शुगर मिल बंद होने के साथ ही यह कबाड़ में तब्दील होती चली गई। लेकिन प्रदेश की योगी सरकार ने इस मिल को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया और बजट में 87 करोड़ का प्राबधान किया गया है। छाता शुगर मिल को शुरू कराने के लिए भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने 2021 में छाता तहसील में धरना प्रदर्शन किया था। एक महीने तक चले भारतीय किसान यूनियन के इस धरने को शुगर मिल को जल्द शुरू कराने का आश्वासन देकर खत्म कराया गया था। शुगर मिल को शुरू कराने के लिए किसान नेता के पी सिंह ठेनुआ ,जयदीप सिंह के साथ बुद्धा प्रधान ने 22 जून 2018 को मुख्यमंत्री से लखनऊ में मुलाकात की थी।
छाता शुगर मिल को शुरू कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार में गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री व स्थानीय विधायक चौधरी लक्ष्मी नारायण ने प्रयास किए। भारतीय किसान यूनियन के संघर्ष और कैबिनेट मंत्री के प्रयास रंग लाए और इसके शुरू होने के लिए बजट में प्रावधान किया गया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश पदाधिकारी बुद्धा सिंह प्रधान ने बताया कि इस मिल के शुरू होने से किसानों का सपना पूरा होगा। इससे कई जिलों के किसानों को फायदा होगा इसके साथ ही पशुधन को दुग्ध उत्पादन में भी इजाफा होगा। छाता क्षेत्र में किसानों की बर्बाद हो रही ऊसर भूमि भी बच जायेगी। बुद्धा सिंह प्रधान ने कहा कि किसानों के बारे में सोचने के लिए मुख्यमंत्री का सभी किसानों की तरफ से आभार जताते हैं। आगरा दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी यह शुगर मिल करीब सौ एकड़ में बनी हुई है। जब यह मिल चलती थी उस समय इसमें 700 मजदूर कर्मचारी काम करते थे। इस मिल में 41 लाख कुंतल गन्ने की एक सत्र में पिराई होती थी। इस मिल से उस समय 45 हजार किसान जुड़े थे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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