मथुरा। बेरोजगार को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना बैंकों की उदासीनता के चलते फाइलों में दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले में योजना के तहत वित्तीय वर्ष में 1614 आवेदन किए गए है, लेकिन अभी तक बैंकों ने केवल 142 लोगों को ही ऋण दिया है। बैंकों की मनमानी से युवाओं के सपनों पर पानी फिर रहा है।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना में प्रदेश सरकार की ओर से नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जानी है। इसके लिए 21 से 40 वर्ष के प्रशिक्षित एवं शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया जाना था। उन्हें ब्याज मुक्त ऋण मुहैया कराया जाना था। खास बात यह है कि योजना में ऋण के लिए गारंटी की औपचारिकता नहीं रखी गई है। यही ऐसी शर्त है, जिसमें बैंक जोखिम नहीं उठाना चाहते और आवेदन खारिज कर देते हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले को 1000 आवेदन करने का लक्ष्य दिया गया है। योजना में लक्ष्य से कम से कम पांच गुने आवेदन बैंक को भेजे जाएं, ताकि ऋण दिए जाने के दौरान आवेदनों में बैंक के कमियां निकाले जाने के बाद भी लक्ष्य पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि 1614 आवेदन जिला उद्योग केंद्र को मिले हैं, जिसमें से 1422 बैंकों को विभाग ने सत्यापन करके भेज दिया है। बैंकों ने इसमें से 324 आवेदन स्वीकृत किए हैं और इसमें से भी 142 को ही लोन स्वीकृत किया है। जो लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 8 प्रतिशत ही है। उन्हाेंने बताया कि वित्तीय वर्ष का अंतिम माह होने के चलते अब इस योजना का लक्ष्य पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। इधर, बैंक अधिकारियों का कहना है कि आवेदनकर्ता के दस्तावेजों में कमी के चलते ऋण स्वीकृत करने में दिक्कत आ रही है।
एसबीआई और पीएनबी शाखा नहीं दे रहीं ऋण
सीडीओ मनीष मीना ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) को पत्र भेजा है, जिसमें कहा है कि मथुरा जिले में बैंकों के अधिकारी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में आवेदकों को लोन नहीं स्वीकृत कर रहे हैं। इसमें भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की सबसे ज्यादा स्थिति खराब है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोन स्वीकृत कराने के लिए बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उधर, जिला अग्रणी प्रबंधक कार्यालय में भी आवेदनकर्ता अपनी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। यहां से भी उनके हाथ में निराशा लग रही है। रामेंद्र कुमार, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र ने कहा, डीएम और सीडीओ नियमित योजना की समीक्षा कर रहे हैं। आवेदन पत्र स्वीकृत हो गए हैं। बैंक स्तर से स्वीकृत होने पर रुके हैं। इस संबंध में उनसे बात की जाएगी। रोहित टंडन, एलडीएम ने कहा, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 142 को लोन स्वीकृत किया जा चुका है। सीडीओ नियमित समीक्षा कर रहे हैं। बैंक शाखाओं के प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि 15 मार्च से पहले सभी आवेदन को पूरा करें।