हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए शासन एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। दावा किया जा रहा है कि सीसीटीवी की निगरानी में इस बार नकलविहीन परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी लेकिन धरातल पर ये सारे दावे झूठे साबित हो रहे हैं। जिले में यूपी बोर्ड बारहवीं की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के पहले दिन ही निगरानी की तैयारी धरी रह गई। निगरानी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में बनाए गए कंट्रोल रूम का ताला तब खुला जब प्रयोगात्मक परीक्षा संपन्न हो गई। अमर उजाला टीम की पड़ताल में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की पोल खुलने के बाद खलबली मची हुई है। सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक 26 केंद्रों पर रविवार को 12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं होनी थीं। परीक्षा देने के लिए छात्र भी विद्यालय पहुंचे, लेकिन जिन पर कंट्रोल रूम में बैठकर प्रयोगात्मक परीक्षाओं की निगरानी का जिम्मा था वे घर में ही सोते रहे। 12 बजे परीक्षा खत्म हो गई और इसके बाद दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब कंट्रोल रूम का ताला खुला। प्रयोगात्मक परीक्षाओं में अव्यवस्था का बोलबाला लचर सिस्टम की बानगी भर है। असल तस्वीर तो 24 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में सामने आएगी। पड़ताल के दौरान जब जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह से फोन पर कंट्रोल रूम में ताला लगा होने का कारण पूछा तो उन्होंने कंट्रोल रूम प्रभारी से वार्ता कर बताने की बात कही। दोपहर 12 बजे के करीब जिला विद्यालय निरीक्षक ने वापस फोन किया तो बताया कि कंट्रोल रूम प्रभारी भवानी शंकर का कहना है कि कंट्रोल रूम खुला है और वे वहीं पर हैं, लेकिन हकीकत में एक बजे तक भी कंट्रोल रूम का ताला नहीं खुला। सिस्टम का हाल देखिए कि कंट्रोल रूम प्रभारी ने डीआईओएस को भी झूठ बोल दिया। -रविंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया, समय से कंट्रोल रूम खोलकर प्रयोगात्मक परीक्षाओं की निगरानी के आदेश दिए गए हैं। रविवार को कंट्रोल रूम खोलने में हुई लापरवाही की जांच कराई जाएगी। जो भी इसके लिए जिम्मेदार है, कार्रवाई की जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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