हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मथुरा पहुंचे। यहां उन्होंने वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर पहुंच कर भगवान बांके बिहारी जी के दर्शन किए। वृंदावन पहुंचे पूर्व उप मुख्यमंत्री को कॉरिडोर का विरोध कर रहे लोगों ने ज्ञापन देकर कॉरिडोर न बनाने की मांग की । उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा शनिवार की देर शाम धार्मिक नगरी वृंदावन पहुंचे। यहां वह सबसे पहले बांके बिहारी मंदिर गए। जहां उन्होंने जन जन के आराध्य भगवान बांके बिहारी जी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पूजा अर्चना की और देश प्रदेश में खुशहाली की भगवान से कामना की। दर्शन करने के बाद मंदिर के गोस्वामियों ने उनको भगवान का प्रसादी अंग वस्त्र और प्रसाद भेंट किया।
बांके बिहारी जी के दर्शन करने के बाद उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का काफिला परिक्रमा मार्ग स्थित प्राचीन स्थल टटिया स्थान पहुंचा। यहां पूर्व उप मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक वातावरण में रह रहे साधु संतों से मुलाकात की। करीब आधा घंटे तक टटिया स्थान में रहे दिनेश शर्मा इस दौरान पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगे नजर आए। वृंदावन दौरे के दौरान पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को कॉरिडोर का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने दिनेश शर्मा को भीड़ नियंत्रण करने के सुझाव दिए तो वृंदावन के पौराणिक स्वरूप को न बिगाड़ने की मांग की। लोगों का कहना था कि जब यहां कुंज गलियां ही नहीं रहेंगी तो फिर इस नगरी का महत्व ही क्या रहेगा।वृंदावन दौरे के दौरान मीडिया से रूबरू हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक महत्व के स्थानों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री संत हैं वह किसी भी संत,पंडा समाज और व्यापारी का नुकसान नहीं होने देंगे। दिनेश शर्मा ने कहा कि व्यवस्था ऐसी कि जायेगी की श्रद्धालुओं को दर्शन करने में दिक्कत न हो और सभी का ख्याल रखा जाएगा। धार्मिक यात्रा पर आए पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इस दौरान समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के बारे में कहा बेमन से एक होते हैं और फिर उनका मन टूट जाता है जब जनता उनको नकार देती है। यह लोग कभी धार्मिक ग्रंथों को जलाते हैं,कभी साधु संतों का अपमान करने लगते हैं, कभी राम जन्म भूमि पर परिंदा पर नहीं मारेगा कहते हैं यह सब वह इसलिए करते हैं क्योंकि उनके हारने के क्रम के कारण वह व्यथित रहते हैं।
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Author: Vijay Singhal
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