हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में श्रीबांकेबिहारी मंदिर एवं ठाकुर राधावल्लभ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में इन दिनों होली का उल्लास छाया है। बांकेबिहारी मंदिर में गर्भगृह से बाहर जगमोहन में आकर आराध्य चांदी के सिंहासन पर विराजमान होकर भक्तों से टेसू के फूलों के रंग से होली खेल रहे हैं। वहीं राधावल्लभ मंदिर में टेसू के रंग के साथ श्रद्धालुओं पर गुलाल बरसाया जा रहा है। इससे मंदिर में गुलाल के बादल छा रहे हैं और भक्त झूम रहे हैं। श्रीबांकेबिहारी मंदिर एवं ठाकुर राधावल्लभ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में इन दिनों होली का उल्लास छाया है। बांकेबिहारी मंदिर में गर्भगृह से बाहर जगमोहन में आकर आराध्य चांदी के सिंहासन पर विराजमान होकर भक्तों से टेसू के फूलों के रंग से होली खेल रहे हैं। वहीं राधावल्लभ मंदिर में टेसू के रंग के साथ श्रद्धालुओं पर गुलाल बरसाया जा रहा है। इससे मंदिर में गुलाल के बादल छा रहे हैं और भक्त झूम रहे हैं। उधर, बृहस्पतिवार को ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में भी आराध्य गर्भगृह से बाहर जगमोहन में सिंहासन पर विराजमान किए गए। श्वेत पोशाक धारण कराई गई। भव्य शृंगार किया गया। ठाकुरजी के आगे टोकना में रखा टेसू का रंग चांदी और स्टील की पिचकारी से सेवायत गोस्वामियोें द्वारा बरसाया जा रहा है। वहीं रंग के बीच में हरा, गुलाबी, लाल, पीला गुलाल इस कदर बरसाया जा रहा है कि मंदिर में गुलाल के बादल छा गए। यह होली सुबह से लेकर देर शाम तक जारी रही। मंदिर के सेवायत मोहित मराल गोस्वामी ने बताया कि सुबह और शाम मंदिर में गोस्वामियों और संतों द्वारा होली के पदों का गायन किया जा रहा है। उन्होंने होली का पद सुनाया कि ब्रज कौ दिन दूल्हा रंग भरयौ, अहो रंग हो हो हो, होरी खेलें सकल कुंवर बरसाने की।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
