हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में रेल सेवा बहाली की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। बुधवार को रंगनाथ मंदिर परिसर में ब्रजवासी इकट्ठा हुए और वृंदावन रेल बचाओ आंदोलन के बैनर तले प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे चतुर संप्रदाय के संत फूलडोल बिहारी दास महाराज ने कहा कि रेल सेवा का समाप्त होना सिर्फ एक परिवहन सुविधा की हानि नहीं, बल्कि वृंदावन की सांस्कृतिक धरोहर पर कुठाराघात है। आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर अब विश्वास नहीं रह गया है। ब्रजवासियों का आरोप है कि कुछ भूमाफिया के हितों के चलते जानबूझकर रेल सेवा को बंद किया गया है, जो कि वृंदावन की जनता के साथ अन्याय है। कृष्ण बल्लभ गौतम ने सवाल उठाया कि जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु आते हैं और रेल स्टेशन बांकेबिहारी मंदिर से केवल 500 मीटर की दूरी पर है, वहां रेल सेवा को समाप्त करना एक नासमझी भरा और औचित्यहीन निर्णय है। नीलम गोस्वामी ने शासन और सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि लगता है जैसे उन्होंने वृंदावन के विनाश की ठान ली है। महेश खंडेलवाल ने बताया कि पहले इस रेल प्रोजेक्ट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन अज्ञात दबावों में इसे बंद कर दिया गया। वृंदावन रेल बचाओ मोर्चा के सदस्य विवेक गौतम ने बताया कि इस आंदोलन को अब और व्यापक रूप दिया जाएगा। गोविंद खंडेलवाल, संत मोहिनी शरण महाराज, राजकुमार गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, विष्णु शर्मा (एडवोकेट), नीरज शर्मा, राहुल गॉड, रेनू, मीरा, पारुल गौतम, पुनीत गौतम, आचार्य मोना बाबा समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
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Author: Vijay Singhal
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