हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोकुल महावन रोड़ पर स्थित कार्ष्णि उदासीन रमणरेती आश्रम में गोपाल जयंती महोत्सव के पावन पर्व पर समागम के तीसरे दिन दो सत्रों में समागम किया गया। जिसमें संतों द्वारा प्रवचन कर श्रद्धालुओं को सनातन धर्म एवं योग साधना पर उपदेश दिए गए।
रमणरेती आश्रम के पीठाधीश्वर कार्ष्णि गुरुशरणानंद महाराज ने ठाकुर रमणविहारी के भजन से कार्यक्रम की शुरुआत की ठाकुर हमरे रमण बिहारी हम हैं रमण बिहारी के संकीर्तन पर श्रृद्धालु भाव विभोर होकर आंनद मय होकर संकीर्तन किया। पीठाधीश्वर कार्ष्णि गुरुशरणानंद महाराज ने कहा कि कृष्ण से ही कार्ष्णि शब्द की उत्पत्ति है उन्होंने कहा कि योग साधना से मन बुद्धि चित्त एवं शरीर आनंद मय रहता है इस लिए योग साधना भी आवश्यक है उन्होंने कहा कि जीवन में सत्संग बहुत जरूरी है सत्संग के बिना जीवन निरर्थक है। योगगुरु बाबा रामदेव ने मंच पर योगासन कर निरोगी रहने का संदेश दिया उन्होंने कहा कि अगर लम्बी उम्र एवं निरोगी रहना है तो योग करें जिससे भयंकर बीमारियों से मुक्ति मिल जाती है उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करें जिससे काफी हद तक बीमारियां दूर रहेंगी। बाबा रामदेव ने कृष्ण जन्मभूमि को लेकर कहा श्री कृष्ण जन्म भूमि स्थान जहां है वहीं रहेगा, लेकिन न्यायालय के फैसले का सम्मान करेंगे। वहीं योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि हो, राम जन्मभूमि हो, शिव भोलेनाथ की भूमि हो इन सब के लिए एक मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। पूर्णानंद गिरि महाराज ने कहा तपस्या ही कल्याण का साधन है। जो जिस भाव से तपस्या कर रहा है। उसका कल्याण भी इसी प्रकार होता है। मंच से गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज,कार्ष्णि राघवानन्द महाराज, कार्ष्णि सुमेधानंद महाराज, आदि ने सद उपदेश दिए। देर शाम ठाकुर जी का डोला सजाया गया। संकीर्तन के साथ आश्रम की परिक्रमा की गई। जिसमें कार्ष्णि हरदेवानंद महाराज कार्ष्णि गोविंदा नंद महाराज कार्ष्णि नागेंद्र महाराज,बंशी बाबा व्यवस्थापक विजय अजवानी चंदर अरोड़ा उमेश जटवानी आदि मौजूद थे।
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Author: Vijay Singhal
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