हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की ओर से महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने संत से खेद प्रकट करने के लिए कहा है। अयोध्या की तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने वृंदावन के सुनरख मार्ग स्थित महामंडलेश्वर धर्मेंद्र गिरि के आश्रम में पत्रकारों से वार्ता के दौरान संत प्रेमानंद की महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। संत प्रेमानंद ने हाल ही में दिए एक बयान में कहा था कि सौ में से दो-चार कन्याएं ही पवित्र होती हैं, जिस पर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कन्या शब्द स्वयं श्री राधारानी के लिए है। जब कन्या पूजन होता है, तो उसमें नारी को देवी के रूप में, श्रीजी के रूप में पूजा जाता है। ऐसे शब्दों का प्रयोग न केवल अमर्यादित है, बल्कि राधारानी का अपमान भी है। जगद्गुरु ने भावुक होते हुए कहा कि जिस दिन प्रेमानंद ने यह बयान दिया, उस दिन राधारानी की आंखों में आंसू आ गए। श्रीधाम वृंदावन की मालकिन राधारानी हैं और उन्हीं के धाम में रहकर उन्हीं को ठेस पहुंचाना अक्षम्य है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, अगर संत प्रेमानंद इस विषय में खेद प्रकट नहीं करते तो निश्चित रूप से उन्हें इसका जघन्य दंड मिलेगा।
7455095736
