हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर नंदबाबा मंदिर में इस बार एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु ठाकुरजी के जन्मोत्सव में शामिल होते हैं, लेकिन इस बार सबकी निगाहें एक महिला पर टिक गईं। यह थीं रोहतक (हरियाणा) के सुनारिया गांव की ज्योति, जिन्हें लोग अब इन्दुलेखा उर्फ मीराबाई के नाम से जानते हैं। इन्दुलेखा ने बताया कि उन्होंने 15 फरवरी को ठाकुर बांकेबिहारीजी का वरण कर उनसे विवाह किया है। पेशे से वह नर्सिंग का कार्य करती थीं और उनका एक बच्चा भी है, लेकिन ब्रज की भूमि पर बार-बार आने के बाद उनके जीवन की दिशा बदल गई। आठवीं कक्षा में पहली बार ब्रज आईं तो यहां की रज और यमुना से ऐसा अनुराग हुआ कि साध्वी-सा जीवन अपनाने लगीं।
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Author: Vijay Singhal
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